सिस्टम की सुस्ती: सत्यापन के बाद भी अटकी 255 कृषि प्राविधिक सहायक अभ्यर्थियों की नियुक्ति, UPSSSC और शासन के चक्कर लगाने को मजबूर

उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की कृषि प्राविधिक सहायक (AGTA) भर्ती परीक्षा में सफलता पाने के बावजूद 255 पात्र अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। विज्ञापन संख्या 07/2024 के तहत कुल 3,446 पदों के लिए आयोजित इस भर्ती प्रक्रिया में सब कुछ पूरा होने के बाद भी केवल प्रशासनिक हीलाहवाली के कारण अभ्यर्थियों की ज्वाइनिंग रुकी हुई है। आयोग द्वारा 23 जून 2026 को जारी अंतिम परिणाम में 269 अभ्यर्थियों का चयन ‘प्रोविजनल’ (अस्थायी) रखा गया था। इनमें से 14 अभ्यर्थियों का मामला बाद में साफ हो गया, लेकिन शेष 255 अभ्यर्थी आज भी अंतिम फैसले का इंतजार कर रहे हैं।

लिखित परीक्षा से लेकर सत्यापन तक पूरा, फिर भी नियुक्ति का इंतजार

इस भर्ती के लिए लिखित परीक्षा 13 जुलाई 2025 को आयोजित की गई थी। परिणाम के बाद लंबित मामलों को सुलझाने के लिए आयोग ने 161 अभ्यर्थियों को 11 से 13 अगस्त 2026 के बीच दोबारा ऑफलाइन दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाया था। इसके अलावा 94 अभ्यर्थियों के शैक्षणिक दस्तावेजों, जाति और चिकित्सा प्रमाण-पत्रों की जांच संबंधित विश्वविद्यालयों, जिलाधिकारी कार्यालयों और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालयों से कराई गई। अभ्यर्थियों का दावा है कि संबंधित विभागों से शत-प्रतिशत सत्यापन पूरा हो चुका है, लेकिन आयोग अंतिम निस्तारण करने में ढिलाई बरत रहा है।

बाकी चयनितों की ज्वाइनिंग प्रक्रिया जारी, दर-दर भटक रहे 255 प्रोविजनल अभ्यर्थी

एक तरफ जहां इसी भर्ती में बिना प्रोविजनल श्रेणी वाले अन्य चयनित अभ्यर्थियों को जिला आवंटन और नियुक्ति पत्र देने की प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है, वहीं ये 255 अभ्यर्थी आयोग से लेकर मंत्रियों के दरवाजे खटखटाने को मजबूर हैं। अभ्यर्थियों के अनुसार, वे समाधान के लिए UPSSSC दफ्तर के 10 से 15 चक्कर काट चुके हैं। इसके अलावा कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही से तीन बार, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से दो बार, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से एक बार और प्रमुख सचिव कृषि से भी मुलाकात कर गुहार लगा चुके हैं, लेकिन आश्वासन के अलावा हाथ कुछ नहीं आया।

अभ्यर्थियों की तीन प्रमुख मांगें: प्रक्रिया में न हो और देरी

पीड़ित अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया है कि वे अन्य चयनित साथियों की नियुक्ति में कोई बाधा नहीं डालना चाहते, बल्कि केवल अपने हक की मांग कर रहे हैं। अभ्यर्थियों ने आयोग और सरकार के समक्ष तीन प्रमुख मांगें रखी हैं:

  • लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण: 255 प्रोविजनल अभ्यर्थियों की फाइलों का तुरंत अंतिम निस्तारण किया जाए।

  • कृषि विभाग को डेटा भेजना: सत्यापन में सही पाए गए अभ्यर्थियों की पूरी जानकारी तत्काल कृषि विभाग को भेजी जाए।

  • शीघ्र जिला आवंटन: जांच में पात्र पाए जाने वाले सभी अभ्यर्थियों को बिना देरी के जिला आवंटन और ज्वाइनिंग लेटर प्रदान किया जाए।

खबरें और भी हैं...

Leave a Comment

Are you human? Please solve:Captcha