
श्रीनगर, 11 अक्टूबर (हि.स.)। एनआईए ने मंगलवार को प्रतिबंधित जमात-ए-इस्लामी (जेईआई) के प्रमुख संगठन अल-हुदा एजुकेशनल ट्रस्ट (एएचईडी) के अध्यक्ष मोहम्मद अमीर शमसी को गिरफ्तार किया है। आतंकी फंडिंग मामले में मंगलवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने आठ जिलों में छापेमारी की है।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के एक प्रवक्ता ने कहा कि राजौरी स्थित एएचईटी की आपराधिक गतिविधियों से संबंधित एक मामले में राजौरी, पुंछ, जम्मू, श्रीनगर, बांदीपोरा, शोपियां, पुलवामा और बडगाम सहित 18 स्थानों पर तलाशी ली गई। अधिकारी ने कहा कि गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत एक गैरकानूनी संगठन घोषित होने के बाद भी अपने फ्रंटल संगठनों के माध्यम से अपनी गतिविधियों को जारी रखे हुए हैं।
प्रवक्ता ने कहा कि ऐसा ही एक संगठन राजौरी का एएचईटी है, जो धर्मार्थ उद्देश्यों के लिए दान और हवाला सहित विभिन्न माध्यमों से धन जुटाता पाया गया है लेकिन इसके बजाय इन फंडों का उपयोग जम्मू-कश्मीर के युवाओं को गैरकानूनी गतिविधियों के लिए कट्टरपंथी और उकसाने व भारत की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता को नुकसान पहुंचाने के लिए कर रहा है।
अधिकारी ने कहा कि एनआईए ने 3 अक्टूबर को इस संदर्भ में संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया था और राजौरी निवासी शमसी इस संबंध में गिरफ्तार किए गए पहले व्यक्ति हैं।
उन्होंने कहा कि जांच से पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी (शमसी) एएचईटी का अध्यक्ष (निजाम-ए-अला) है और ट्रस्ट के मुख्य संरक्षक के निर्देश पर कार्य करता है। प्रवक्ता ने कहा कि जेईआई को गैरकानूनी संगठन घोषित किए जाने के बाद भी ट्रस्ट ने धन जुटाना जारी रखा है। जांच के दौरान कश्मीर में सक्रिय अन्य गैर सरकारी संगठनों और ट्रस्टों के साथ भी संदिग्ध संबंध सामने आए हैं।
एनआईए ने कहा कि तलाशी के दौरान कई मोबाइल डिवाइस और फंडिंग और संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज जब्त किए गए हैं













