कॉलोनाइजर की वादाखिलाफी के शिकार हुए कॉलोनीवासी नारकीय जीवन जीने को हुये मजबूर

भास्कर ब्यूरो
हाथरस। आगरा रोड की रोशन एन्क्लेव कॉलोनी के बाशिंदों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। और कॉलोनाइजर की वादाखिलाफी से कॉलोनी वासी नारकीय जीवन जीने को मजबूर हो गये हैं। आवश्यक जरूरत की सुविधाओं के बिना जिम्मेदारों के द्वारा कॉलोनी पास कर दी गई जिस पर सवालिया निशान उठ रहे हैं। जन प्रतिनिधि भी कॉलोनी वासियों की समस्याओं से अनजान बने हुए हैं।
बता दें कि हाथरस सदर क्षेत्र के आगरा रोड पर पॉलिटेक्निक कॉलेज के पीछे एक कॉलोनाइजर के द्वारा रोशन एन्क्लेव के नाम से एक कॉलोनी बनाई गई है, कॉलोनी बनाते समय कॉलोनाइजर के द्वारा वहां के निवासियों से मेंटेनेंस चार्ज भी ले लिए गए और सभी मूलभूत सुविधाएं देने का वायदा भी किया गया था लेकिन जब लोगों ने यहां बने मकान (विला) खरीदकर यहाँ रहना शुरू कर दिया तो उन्हें कोई भी मूलभूत सुविधा नहीं मिली। कॉलोनी में गंदे पानी की निकासी का कोई साधन नही है, न ही स्ट्रीट लाइट की सुविधा है। वही साफ सफाई ना होने के कारण कॉलोनी में चारो तरफ गंदगी का अंबार लगा हुआ है। पूरी कॉलोनी में असुरक्षा का वातावरण बना हुआ है। शाम होने के बाद कॉलोनी वासी डर के कारण अपने घरों में कैद हो जाते हैं। उन्हें हर वक्त अनहोनी की चिंता सताती रहती है। कॉलोनी वासियों की माने तो कॉलोनाइजर के द्वारा 25 लाख से 70 लाख तक के उन्हें विला बेचे गए हैं। उनसे लाखों रुपए मेंटेनेंस चार्ज लिया गया है। जिसके बदले कॉलोनाइजर के द्वारा ड्रेनेज सिस्टम, स्ट्रीट लाइट, पीने के पानी, साफ सफाई और सिक्योरिटी गार्ड व सुरक्षित वाताबरण देने का वायदा किया था लेकिन कॉलोनी डेवलप होने के बाद कॉलोनाइजर के द्वारा सभी वायदों से हाथ खींच लिया गया है। कॉलोनी का पूरा पानी सरकारी जमीन में जा रहा है अगर वह लोग पानी की निकासी रोक दें तो कॉलोनी के हालात और बदतर हो जाएंगे। कॉलोनाइजर के द्वारा कॉलोनी निवासी किसी भी व्यक्ति के शादी समारोह का फंक्शन कॉलोनी में नहीं होने दिया जाता है, जब यहां के निवासियों द्वारा कॉलोनाइजर से उन्हें होने वाली दिक्कतों की शिकायत की जाती है कॉलोनी वासियों का आरोप है कि वह गुंडों को बुलाकर उनके साथ अभद्रता करवा देता है। जिसके डर से कोई भी निवासी किसी से शिकायत भी नहीं कर पा रहे हैं। कुछ लोग संबंधित अधिकारियों से कई बार लिखित में शिकायत कर चुके हैं लेकिन उनके द्वारा कोई संज्ञान नहीं लिया गया है। अब देखना यह होगा कि कॉलोनाइजर की वादाखिलाफी के खिलाफ जिले के जिम्मेदार अधिकारी स्वतः संज्ञान लेकर क्या कार्रवाई करते हैं और कॉलोनी के निवासियों द्वारा जिये जा रहे नारकीय जीवन से उन्हें कब और कैसे निजात मिलती है।

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