कानपुर हिंसा की जांच करेंगे ये तीन सुपरकॉप, आखिर क्यों योगी सरकार ने इन अफसरों पर जताया भरोसा

कानपुर में शुक्रवार को हुई हिंसा की जड़ तक पहुंचने, एक-एक साजिश का पर्दाफाश करने की जिम्मेदारी सरकार ने एनकाउंटर स्पेशलिस्ट अजयपाल शर्मा को सौंपी है। उनकी टीम में IPS अविनाश पांडेय के अलावा तेजतर्रार चारू निगम भी होंगी।

आखिर क्यों योगी सरकार ने इन अफसरों पर भरोसा जताया है?

1- अजय पाल ने 100 से ज्यादा एनकाउंटर किए
2011 बैच के IPS अजय पाल शर्मा पंजाब के रहने वाले हैं। उनकी पहली पोस्टिंग सहारनपुर थी। इसके बाद मथुरा गए। फिर शामली। अजय पाल शर्मा ने हर जिले में एनकाउंटर किए। योगी सरकार के पहले कार्यकाल में उन्हें नोएडा में पोस्टिंग दी गई।

अजय पाल शर्मा ने जून, 2019 में रामपुर में एक 6 साल की बच्ची से रेप और हत्या के आरोपी नाजिल को एनकाउंटर में गिरफ्तार किया था। एनकाउंटर में नाजिल को तीन गोलियां लगी थीं। इसके लिए उनकी खूब तारीफ हुई। लोग उन्हें ‘सिंघम’ कहने लगे। अजय ने 100 से ज्यादा एनकाउंटर किए हैं।

पश्चिमी यूपी के क्राइम की नब्ज पर पकड़
अजय पाल की ज्यादातर पोस्टिंग पश्चिमी यूपी में रही। इसलिए इस रीजन के क्राइम की हर नब्ज को बारीकी से समझते हैं। उनकी अगुवाई में 60 हजार के इनामी बदमाश नौशाद उर्फ डैनी और 12 हजार के इनामी सरवर को पुलिस ने ढेर किया था। कैराना में पलायन के लिए जिम्मेदार मुकीम काला गैंग के 50 हजार के इनामी अपराधी फुरकान को उन्होंने ही गिरफ्तार कर जेल भेजा था। यही वजह है कि उप्रदवियों से निपटने के लिए उन्हें कानपुर भेजा गया है।

2- चारू निगम ने चंबल के लैंडमाइन माफियाओं को धूल चटाई
अजय पाल शर्मा के सहयोग के लिए 2014 बैच की IPS चारू निगम को भेजा गया है। वह आगरा की रहने वाली हैं। चारू गोरखपुर में विधायक राधा मोहनदास अग्रवाल से भिड़ने के बाद चर्चा में आई थीं। उनकी पहली पोस्टिंग बतौर सहायक पुलिस अधीक्षक झांसी में हुई थी। 4 महीने की तैनाती में उन्होंने चंबल के लैंडमाइन माफिया से सीधा पंगा लिया और उनका अवैध कारोबार बंद करवा दिया था।

118 गलत मुकदमों को खत्म करवाकर किया दिलों पर राज
2016 में चारू की पोस्टिंग गोरखपुर में हुई। वहां मेडिकल कॉलेज से चोरी हुए बच्चे को बरामद करके आरोपी महिला को गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई से उनकी खूब तारीफ हुई। इसी दौरान उन्होंने लंबित विवेचनाओं की फेहरिस्त से 118 ऐसे केस निकाले, जो गलत दर्ज किए गए थे। चारू ने इन्हें खत्म करवाया।

3- अविनाश पांडेय ने बूचड़खाने बंद करवाए, गो तस्करों को खदेड़ा
2015 बैच के IPS अविनाश पांडेय का गृह जनपद खीरी है। इनकम टैक्स और डाक विभाग में सेवा देने के बाद वह IPS बने। उनकी बरेली, कानपुर और मैनपुरी में फील्ड पोस्टिंग रही है। मौजूदा समय में वह मुरादाबाद में PAC के कमांडेंट हैं। इससे पहले उन्नाव के SP थे। उन्नाव का चार्ज संभालते ही उन्होंने गोकशी रोकने के लिए छोटे-बड़े सभी बूचड़खानों पर ताला जड़वा दिया। इससे गो तस्कर जिला छोड़कर भाग गए। इनके लिए कहा जाता है कि कार्रवाई के दौरान कोई पैरवी नहीं सुनते।

कानपुर में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद हुई थी हिंसा
कानपुर के यतीमखाने में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। बवाल इतना बढ़ा कि फायरिंग तक हुई। करीब 5 घंटे तक सड़कों पर अराजकता रही। कई दुकानों को लूटा गया। तोड़ा गया था। पुलिस अब तक की जांच के आधार पर यह दावा कर रही है कि हिंसा साजिश का हिस्सा थी। इसीलिए, पुलिस विभाग ने अपने तेजतर्रार सुपरकॉप को इसकी जांच की जिम्मेदारी सौंपी है।

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