
- चेन्नई में गठबंधन समन्वय बैठक के दौरान नाम का ऐलान, CPM-CPI ने बैठक से बनाई दूरी; राहुल गांधी की नेतृत्व भूमिका पर कांग्रेस ने दो टूक रुख अपनाया
चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में टीवीके (TVK) के नेतृत्व वाले गठबंधन को नया नाम दिया गया है। टीवीके प्रमुख और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने बुधवार को गठबंधन का नाम ‘सेक्युलर सोशल जस्टिस विक्ट्री अलायंस’ रखने का ऐलान किया। नाम की घोषणा चेन्नई के पनैयूर स्थित टीवीके मुख्यालय में चल रही गठबंधन समन्वय बैठक के दौरान की गई।
विजय ने गठबंधन में शामिल कांग्रेस, वीसीके, एडीएमके और आईयूएमएल समेत सहयोगी दलों के नेताओं के साथ बैठक की। टीवीके मुख्यालय में गठबंधन के नेताओं की यह दूसरी महत्वपूर्ण बैठक बताई जा रही है।
कई प्रमुख सहयोगी दल बैठक में शामिल
एनएनआई के मुताबिक, टीवीके सूत्रों ने पहले ही पुष्टि की थी कि कांग्रेस, विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके), इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) और मारुमलरची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम जैसे प्रमुख सहयोगी दलों के नेता बैठक में शामिल होंगे।
बैठक का उद्देश्य गठबंधन के बीच समन्वय और आगामी राजनीतिक रणनीति को लेकर चर्चा करना था। हालांकि, गठबंधन के सभी संभावित सहयोगी दल इस बैठक में शामिल नहीं हुए।
CPM और CPI ने बैठक से बनाई दूरी
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPM) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) ने बैठक से दूरी बनाए रखी। दोनों वाम दलों ने इसमें शामिल नहीं होने का फैसला किया। 1 जुलाई के बाद औपचारिक गठबंधन वार्ता से दूरी बनाने का यह लगातार दूसरा मामला है।
CPM के राज्य सचिव पी. शनमुगम ने मंगलवार को कहा था कि वाम दलों का बाहरी समर्थन मुद्दों पर आधारित होगा। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य विधानसभा में स्थिरता बनाए रखना है।
राष्ट्रीय नेतृत्व के मुद्दे पर कांग्रेस और TVK में मतभेद
गठबंधन के भीतर कांग्रेस और टीवीके के बीच राष्ट्रीय नेतृत्व को लेकर भी मतभेद सामने आए हैं। पी. शनमुगम के मुताबिक, राष्ट्रीय नेतृत्व के सवाल पर टीवीके और कांग्रेस के बीच सार्वजनिक तौर पर बढ़ती बयानबाजी ने तनाव को और बढ़ाया है।
टीवीके के कुछ विधायकों और मंत्रियों की ओर से मुख्यमंत्री विजय को 2029 के लोकसभा चुनाव के लिए संभावित प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बताए जाने पर तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के नेताओं ने आपत्ति जताई है।
कांग्रेस ने राहुल गांधी को बताया निर्विवाद नेता
कांग्रेस मंत्री एस. राजेश कुमार ने कहा कि राहुल गांधी राष्ट्रीय विपक्षी गठबंधन के निर्विवाद नेता बने हुए हैं। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि इस राजनीतिक सहमति को कमजोर करने की किसी भी कोशिश की स्थिति में कांग्रेस राज्य मंत्रिमंडल में अपनी भागीदारी पर पुनर्विचार कर सकती है।
कांग्रेस के इस रुख के बाद टीवीके नेतृत्व ने विवाद को कम करने की कोशिश की। टीवीके की ओर से कहा गया कि विजय को प्रधानमंत्री बनाने की बातें पार्टी के कुछ विधायकों की व्यक्तिगत राय थीं। इसे पार्टी की आधिकारिक मांग या गठबंधन का सामूहिक फैसला नहीं माना जाना चाहिए।
इस तरह गठबंधन का नाम तय होने के साथ ही सहयोगी दलों के बीच सीटों और चुनावी रणनीति के अलावा राष्ट्रीय नेतृत्व को लेकर भी राजनीतिक खींचतान सामने आ गई है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि टीवीके और कांग्रेस इस मतभेद को किस तरह सुलझाते हैं और वाम दल गठबंधन से बाहर रहकर किस तरह की भूमिका निभाते हैं।












