लखनऊ/मेरठ। उत्तर प्रदेश के विकास की रफ्तार को आज नए पंख लग गए हैं। प्रदेश के बुनियादी ढांचे में एक और मील का पत्थर जोड़ते हुए 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण होने जा रहा है। यह एक्सप्रेसवे न केवल मेरठ और प्रयागराज के बीच की दूरी को घंटों में समेट देगा, बल्कि उत्तर प्रदेश को देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क में 60 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ ‘एक्सप्रेसवे प्रदेश’ के रूप में वैश्विक पटल पर स्थापित कर देगा। इसके शुरू होते ही राज्य में एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई बढ़कर 1910 किलोमीटर हो जाएगी।
जेब पर कितना पड़ेगा असर? बाइक और ट्रैक्टर को भी देना होगा टोल
प्रशासन ने लोकार्पण से ठीक पहले सफर के लिए टोल टैक्स की दरों का ऐलान कर दिया है। इस एक्सप्रेसवे की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यहां दो पहिया वाहनों और ट्रैक्टरों को भी टोल का भुगतान करना होगा।
वाहन श्रेणी और टोल दरें (प्रति किलोमीटर):
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बाइक और ट्रैक्टर: ₹1.28
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कार, जीप और वैन: ₹2.55
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बस और ट्रक: ₹8.20
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भारी निर्माण मशीनरी/विशाल वाहन: ₹12.60 से ₹16.10
रफ्तार का रोमांच: 120 की स्पीड और शाहजहांपुर में ‘हवाई पट्टी’
गंगा एक्सप्रेसवे पर सफर करने वालों के लिए अधिकतम रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है। सुरक्षा और सामरिक दृष्टि से यह मार्ग बेहद महत्वपूर्ण है। शाहजहांपुर में 3.5 किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी बनाई गई है, जिससे आपातकालीन स्थिति में भारतीय वायु सेना के लड़ाकू विमान भी लैंड कर सकेंगे। इसके अलावा, यातायात को सुरक्षित बनाने के लिए एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) के तहत हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे और ऑटोमैटिक स्पीड मॉनिटरिंग सिस्टम लगाए गए हैं।
12 जिलों और 519 गांवों की बदलेगी तकदीर
लगभग 36,230 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह एक्सप्रेसवे प्रदेश के 12 महत्वपूर्ण जिलों—मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज को एक सूत्र में पिरोएगा। इस परियोजना से करीब 519 गांवों में आर्थिक और व्यावसायिक गतिविधियां तेज होंगी, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
अदाणी ग्रुप की बड़ी भूमिका, भविष्य में जेवर एयरपोर्ट से जुड़ेगा मार्ग
इस मेगा प्रोजेक्ट के निर्माण में ‘अदाणी इंटरप्राइजेज लिमिटेड’ ने अहम भूमिका निभाई है। कंपनी ने बदायूं से प्रयागराज तक के लगभग 464 किलोमीटर (80%) हिस्से का निर्माण कार्य पूरा किया है। भविष्य की योजनाओं के अनुसार, इस एक्सप्रेसवे को हरिद्वार और जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से भी जोड़ा जाएगा, जिससे पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच कनेक्टिविटी का एक अभूतपूर्व नेटवर्क तैयार होगा। फिलहाल, लोकार्पण समारोह को देखते हुए पूरे रूट पर सुरक्षा का हाई अलर्ट जारी किया गया है।















