यूपी एमएलसी चुनाव : आगरा के 3 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान की संस्तुति, सपा प्रत्याशी के गंभीर आरोपों और हंगामे के बाद EC को भेजा गया प्रस्ताव

आगरा। उत्तर प्रदेश विधान परिषद (MLC) के खंड स्नातक और खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के हालिया द्विवार्षिक चुनावों के बाद राजनीति गर्मा गई है। चुनावों में कथित गड़बड़ियों और अनियमितताओं की शिकायतों के बीच आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के तीन अहम मतदान केंद्रों पर दोबारा मतदान (पुनर्मतदान) कराने की संस्तुति की गई है। जिला प्रशासन की ओर से रिटर्निंग अधिकारी ने इस संबंध में विस्तृत प्रस्ताव भारत निर्वाचन आयोग (ECI) को भेज दिया है। अब आयोग की अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद इन केंद्रों पर पुनर्मतदान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

खेरागढ़, सैंया और फतेहाबाद के इन तीन बूथों पर हो सकता है पुनर्मतदान

चुनाव के दौरान सामने आई शिकायतों और गड़बड़ियों के पुख्ता आधार पर जिन तीन मतदेय स्थलों (बूथों) पर पुनर्मतदान कराने की सिफारिश की गई है, वे तीनों ग्रामीण अंचलों से जुड़े हैं। इनमें मुख्य रूप से खेरागढ़ तहसील परिसर, सैंया स्थित क्षेत्र पंचायत कार्यालय और फतेहाबाद स्थित क्षेत्र पंचायत कार्यालय के मतदान केंद्र शामिल हैं।

प्रस्तावित पुनर्मतदान के लिए जिन बूथों के नाम भेजे गए हैं, उनका विवरण इस प्रकार है:

  • मतदेय स्थल संख्या 20: तहसील परिसर, खेरागढ़ (कक्ष संख्या-1)

  • मतदेय स्थल संख्या 21: क्षेत्र पंचायत कार्यालय, सैंया (कक्ष संख्या-1)

  • मतदेय स्थल संख्या 26: क्षेत्र पंचायत कार्यालय, फतेहाबाद (कक्ष संख्या-1)

इन केंद्रों पर मतदान प्रक्रिया के दौरान विभिन्न पक्षों द्वारा धांधली और नियमों के उल्लंघन की शिकायतें दर्ज कराई गई थीं, जिसके बाद प्रशासन ने यह कदम उठाया है।

मतदान में गड़बड़ी का आरोप लगाकर कमिश्नरी पहुंचे सपा प्रत्याशी, लगाए गंभीर आरोप

शिक्षक एमएलसी चुनाव में हुई कथित अनियमितताओं और धांधली के खिलाफ समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने कड़ा रुख अपनाया है। बुधवार दोपहर करीब 2:30 बजे वह सीधे कमिश्नरी पहुंचे और मंडलायुक्त (कमिशनर) नगेंद्र प्रताप से मुलाकात कर मतदान में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी होने के आरोप लगाए।

मीडिया और प्रशासन के सामने अपनी बात रखते हुए डॉ. आकाश अग्रवाल ने आरोप लगाया कि खेरागढ़ के मतदान केंद्र संख्या-20 पर सत्ताधारी दल के प्रत्याशी के भतीजे द्वारा कथित तौर पर बूथ पर कब्जा कर लिया गया था। उनका यह भी दावा था कि भोजन के समय पीठासीन अधिकारी ने अचानक मतदान कक्ष को बंद कर दिया और वैध मतदाताओं को बाहर खदेड़ दिया गया। इसके अलावा, उन्होंने छाता के मतदान केंद्र संख्या-40 पर स्कूल प्रबंधकों को जबरन उठाए जाने और नगर निगम इंटर कॉलेज स्थित बूथ संख्या-10 पर भी गंभीर गड़बड़ी के आरोप जड़े। हालांकि, इन सभी आरोपों की स्वतंत्र तौर पर पुष्टि नहीं हुई है।

अफसरों के सामने छलका दर्द, मीडिया के सामने भावुक हुए डॉ. अग्रवाल

शिकायत दर्ज कराने के दौरान सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल काफी भावुक नजर आए। मीडिया से बातचीत करते हुए उनका दर्द छलक उठा। उन्होंने कहा कि उनके लिए इस चुनाव में जीत या हार मायने नहीं रखती, बल्कि उनके शिक्षकों और समर्थकों के साथ किया जा रहा कथित दुर्व्यवहार सबसे ज्यादा पीड़ादायक है।

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन और विरोधियों द्वारा उनके साथ ऐसा बर्ताव किया जा रहा है, मानो वे कोई अपराधी हों। भावुक होते हुए डॉ. अग्रवाल ने कहा कि यदि उन्हें पहले से इस बात का अंदाजा होता कि चुनाव के दौरान शिक्षकों और स्कूल प्रबंधकों को इस तरह के मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ेगा, तो वे कभी भी चुनाव लड़ने का फैसला नहीं करते। उन्होंने अपने परिवार, समर्थकों और 12 जिलों के शिक्षकों को परेशान न किए जाने की भी पुरजोर अपील की।

धर्म परिवर्तन के एलान का वीडियो हुआ वायरल, अब ECI के फैसले पर टिकी निगाहें

कमिश्नरी में शिकायत के दौरान डॉ. आकाश अग्रवाल ने एक बड़ा और सनसनीखेज बयान देते हुए अगले महीने लखनऊ की ऐतिहासिक शाही ईदगाह में धर्म परिवर्तन करने का सार्वजनिक एलान कर दिया। उनके इस बयान और हंगामे का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। उन्होंने अपनी धार्मिक पहचान और चुनाव के दौरान प्रशासन पर कथित उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाते हुए कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। फिलहाल, आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के इन तीनों संवेदनशील मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान होगा या नहीं, इसका अंतिम फैसला अब भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के रुख पर निर्भर करता है।

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