हरदोई/लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) में आज एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार (29 अप्रैल) को हरदोई की पावन धरती से प्रदेश के सबसे लंबे और महत्वाकांक्षी ‘गंगा एक्सप्रेसवे’ का उद्घाटन कर इसे राष्ट्र को समर्पित कर दिया। 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे न केवल पश्चिमी यूपी को पूर्वी यूपी से जोड़ेगा, बल्कि विकास की नई इबारत भी लिखेगा। 18 दिसंबर 2021 को जिस परियोजना की नींव पीएम मोदी ने रखी थी, आज उसका सपना धरातल पर उतर आया है।
12 जिलों की कनेक्टिविटी: मेरठ से प्रयागराज तक का ‘स्मार्ट’ सफर
लगभग 36,230 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह एक्सप्रेसवे प्रदेश के 12 महत्वपूर्ण जिलों को एक सूत्र में पिरोता है। यह मेरठ के बिजौली गांव से शुरू होकर प्रयागराज के जुड़ापुर दांडू गांव पर समाप्त होता है।
एक्सप्रेसवे से जुड़े जिले:
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मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज।
यह एक्सप्रेसवे गंगा नदी के समानांतर (लगभग 10 किमी की दूरी पर) बनाया गया है ताकि पर्यावरण का संतुलन बना रहे। यह कुल 519 गांवों से होकर गुजरता है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
120 की रफ्तार और आधा रह जाएगा समय
गंगा एक्सप्रेसवे की डिजाइन स्पीड 120 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई है। वर्तमान में मेरठ से प्रयागराज पहुंचने में जहां 10 से 12 घंटे का समय लगता है, वहीं अब यह सफर मात्र 6 से 7 घंटे में पूरा हो जाएगा। एक्सप्रेसवे पर यातायात को सुचारू बनाने के लिए:
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21 इंटरचेंज बनाए गए हैं।
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2 मुख्य टोल प्लाजा और 19 रैंप टोल प्लाजा स्थापित हैं।
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हल्के और भारी वाहनों के लिए अलग-अलग लेन और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं।
सामरिक शक्ति: शाहजहांपुर में लैंड करेंगे वायुसेना के फाइटर जेट्स
इस एक्सप्रेसवे की एक बड़ी खूबी इसकी सामरिक उपयोगिता भी है। शाहजहांपुर के पास 3.2 किलोमीटर लंबी एयरस्ट्रिप (हवाई पट्टी) तैयार की गई है। आपातकालीन स्थिति या युद्ध जैसे हालातों में भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान यहां आसानी से लैंड और टेक-ऑफ कर सकेंगे। यह उत्तर प्रदेश का ऐसा तीसरा एक्सप्रेसवे है जहां हवाई पट्टी की सुविधा दी गई है।
आर्थिक क्रांति: 47,000 करोड़ का निवेश और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर
एक्सप्रेसवे के किनारे 12 इंडस्ट्रियल नोड विकसित किए जा रहे हैं। सरकार की इस पहल का असर अभी से दिखने लगा है, क्योंकि इन औद्योगिक क्षेत्रों के लिए पहले ही 47,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं। इससे पर्यटन क्षेत्र, विशेषकर गढ़मुक्तेश्वर, प्रयागराज कुंभ, अयोध्या और वाराणसी तक पहुंच बेहद सुगम हो जाएगी। भविष्य में इसे हरिद्वार और बलिया तक विस्तार देने की भी योजना है।
गंगा एक्सप्रेसवे टोल दरें (Ganga Expressway Toll Rates)
एक्सप्रेसवे के रखरखाव और सुविधाओं के लिए टोल टैक्स की दरें भी घोषित कर दी गई हैं। खास बात यह है कि यहां दोपहिया वाहनों को भी टोल देना होगा।
| वाहन श्रेणी | टोल दर (प्रति किलोमीटर) |
| टू-व्हीलर (बाइक) | ₹1.28 |
| हल्के वाहन (कार, जीप, वैन) | ₹2.55 |
| बस और ट्रक | ₹8.20 |
| भारी मशीनरी/विशाल वाहन | ₹12.60 – ₹16.10 |















