यूपी  में लागू होगी विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजनाः योगी आदित्यनाथ

गोपाल त्रिपाठी
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी शिल्पियों एवं अभियंताओं को भगवान विश्वकर्मा जयंती की शुभकामना देते हुए कहा कि भगवान विश्वकर्मा जयंती सृजन एवं निर्माण के प्रति हम सबको प्रतिबद्ध होने का अवसर प्रदान करती है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सृष्टि के आदिशिल्पी भगवान विश्वकर्मा के नाम पर विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना पूरे प्रदेश में लागू होगी। मुख्यमंत्री ने जटाशंकर स्थित श्री विश्वकर्मा मंदिर के सुंदरीकरण की घोषणा करते हुए समिति से इस बाबत प्रस्ताव मांगा।
वे सोमवार को विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर जटाशंकर स्थित श्री विश्कर्मा मन्दिर पहुंचे। उन्होंने भगवान विश्वकर्मा की विधि विधान से पूजा एवं आरती की। उन्होंने कहा कि भगवान विश्वकर्मा सृष्टि के आदिशिल्पी हैं। उनके उच्च आदर्शों के बारे में आने वाली पीढी जाने, इसलिए सभी संस्थाओं में पूजा अर्चना कर भगवान विश्वकर्मा के विषय में नई पीढ़ी को अवगत कराना चाहिए। उन्होंने कहाकि सभी यांत्रिक संस्थाओं के साथ प्रदेश के करीब 2000 संस्थाओं में विश्वकर्मा पूजा पर कार्यक्रम हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में कारीगर, हस्तशिल्पी पारम्परिक कार्यों के माध्यम से जीविकोपार्जन करते हैं। ये हस्तशिल्पी और कारीगर पारम्परिक कार्यों में अत्यन्त प्रतिभाशाली हैं।
प्रशिक्षण के सा मिलेगा किट, भत्ता व प्रमाण पत्र
विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत हर गांव, कस्बा, शहर में ऐसे लोगों को प्रशिक्षिण मिलेगा। प्रशिक्षण के दौरान भत्ता और निशुल्क किट एवं प्रशिक्षण का प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। बैंक से ऋण और अनुदान भी मिलेगा। इससे स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे। समिति के संरक्षक दयानंद शर्मा, अध्यक्ष इंजीनियर राजेश्वरी प्रसाद विश्वकर्मा ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने विश्वकर्मा समाज के अनूप शर्मा को सम्मानित किया। इस अवसर पर भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष उपेंद्र दत्त शुक्ल, क्षेत्रीय अध्यक्ष डॉ धर्मेंद्र सिंह, नगर विधायक डॉ राधामोहन दास अग्रवाल, महानगर अध्यक्ष राहुल श्रीवास्तव, समिति के मंत्री बाबूलाल शर्मा, कोषाध्यक्ष राजतिलक शर्मा, संयुक्त मंत्री डॉ उदय चन्द्र शर्मा, अरुणेश शाही, अमित सिंह मोनू समेत अन्य उपस्थित रहे। बता दें कि श्री विश्वकर्मा मन्दिर की स्थापना सन 1932 में फाल्गुन शुक्ल पक्ष त्रयोदशी तिथि को हुई थी। विश्वकर्मा मन्दिर का जुडाव गोरक्षनाथ मन्दिर से है।
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