whatsapp ग्रुप के एडमिन को मिली 5 साल की सजा, वजह कर देगी आपको हैरान

नई दिल्ली: अगर आप भी व्हाट्सएप एडमिन हैं तो संभल जाएं। मध्यप्रदेश के राजगढ़ में 21 साल का एक युवा पिछले 5 महीने से इसलिए जेल में हैं क्योंकि उसके ग्रुप में किसी सदस्य ने आपत्तिजनक मैसेज फॉरवर्ड कर दिया था। उसकी गलती सिर्फ इतनी थी कि वो व्हाट्सएप ग्रुप का डिफॉल्ट एडमिन था। आपत्तिजनक मैसेज के बाद ग्रुप के एडमिन ने ग्रुप लेफ्ट कर दिया। ये युवा उस समय ग्रुप का डिफॉल्ट एडमिन था।

आरोपी बीएससी का छात्र है

राजगढ़ के तालेन कस्बे में रहने वाला जुनैद खान बीएससी का छात्र है। इसको पुलिस ने 14 फरवरी को आईटी एक्ट और आईपीसी के सेक्शन 124 ए के तहत गिरफ्तार किया था। वो उस व्हाट्स एप ग्रुप का हिस्सा था जिसमें इरफान ने आपत्तिजनक पोस्ट फॉरवर्ड किया। कुछ स्थानीय लोगों ने तालेन पुलिस थाने में इसकी शिकायत कर दी। पुलिस ने इरफान और एडमिन के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। पुलिस के मुताबिक जब केस आया तब जुनैद व्हाट्सएप ग्रुप का एडमिन था।

आरोपी के परिवार ने कहा 

हालांकि उसके परिवार की दलील थी कि जुनैद उस ग्रुप का सदस्य था पर एडमिन नहीं था। जब ये मामला आया तब वो परिवार के काम से रतलाम गया था। उस समय ग्रुप के एडमिन ने लेफ्ट कर दिया और जुनैद डिफॉल्ट तौर पर एडमिन बन गया। उसके कजिन फारूख के मुताबिक जब पोस्ट शेयर की गई तब वो एडमिन नहीं था।
इस कारण वो परीक्षा भी नहीं दे पाया क्योंकि उस पर लोगों को भड़काने का (सेडीशन) आरोप था।

जब टीओआई ने इस बारे में पचौर पुलिस स्टेशन में केस की जांच कर रहे अधिकारी युवराज सिंह चौहान से पूछा तो उन्होंने कहा कि ‘जुनैद के परिवार वालों ने केस फाइल करते समय ये बात नहीं बताई। अब कोर्ट में चालान पेश करने के बाद वो कह रहे हैं कि वो डिफॉल्ट एडमिन था। अगर उनके पास सबूत है तो उनको कोर्ट को देना चाहिए।

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