
भास्कर ब्यूरो
लखनऊ। अतीक और अशरफ की हत्या कई रहस्यों के बीच घिरी है। बड़ा सवाल यह है, वो कौन सी वजह थी। जिसमें माफिया भाई हलाक हुए, इन वजहों की तलाश में जुटी विशेष जांच टीम (एसआईटी) के आला तरीन अधिकारी बताते है। इससे पर्दा उठते ही कई नामचीन शख्सियतें बेपर्दा हो जाएगी। वही यूपी में आखिर किस माफिया का बुंदेलखंड में गहरा दखल है। जहां तांगा चलाते चलाते प्रदेश की सरकार चलाने वाले अतीक अहमद और अशरफ को अपनी हत्या की आशंका बहुत पहले से थी। वो भी पुलिस अभिरक्षा में इसी लिए अतीक अहमद और अशरफ ने मीडिया का इस्तेमाल अपनी ढाल के लिए किया साथ अपनी जान का डर मीडिया से कहते रहे। लेकिन उन्हें यह इल्म ही नहीं था। कि मीडिया कर्मियों की शक्ल में आए हत्यारें महज कुछ सेकंड में दोनों का काम तमाम कर देगें। बात यहीं खत्म नही होती जहां यहां हत्याकांड अपने पीछे ऐसे कई सवाल छोड़ गया है। जिन्हें तलाशने में यूपी की हाईटेक पुलिस के पसीने आ रहे है। मसलन धूमनगंज पुलिस के तीन दिन रिमांड पे लिए जाने के रोज चिकित्सकीय परीक्षण के लिए डफरिन अस्पताल ले जाया जाता था। गेट से अस्पताल के पोर्च की दूरी दो सौ कदम है। गाड़ी पोर्च तक जा सकती थी।
लेकिन रोकी गेट पर जाती थी। ऐसा क्यो जिन तीन हत्यारों ने अतीक और अशरफ का काम तमाम किया उनकी माली हालत बेहद खस्ताहाल है। ऐसे में सात-सात लाख रूपए की जिगाना टर्की मेड पिस्टल की उनकी हैसियत कहां से हुई यह ऐसा कौन सा माफिया है,जिसने इन नए लड़को को प्रतिबंधित पिस्टल देकर अपने रास्ते के इन कांटो को हटाने का काम किया। पहली पेशी पर आए अशरफ ने बरेली जेल लौटते वक्त एक सनसनीखेज खुलासा था।
उसने मीडिया को बताया था, कि पुलिस के एक आला अधिकारी ने उसे धमकी दी है कि पंद्रह दिन के भीतर अगली पेशी पर आने पर तुम्हारी हत्या कर दी जाएगी। हुआ ठीक वैसा ही तीनों हत्यारों के बुंदेलखंड़ के होने पर एक सवाल पुलिस के जहन में दौड़ रहा है, कि आखिर ऐसा कौन माफिया और राजनेता है जिसका बंुदेलखंड में गहरा दखल है। जिसके इशारे पर इन तीनों हत्यारों ने अतीक और अशरफ हत्या के लिए राजी किया गया। एक बड़ा सवाल यहां भी उठता है। कि भारत में प्रतिबंधित जिगाना पिस्टल को हत्यारें जिस तरह से चला रहे थे। उसका पूर्वाभ्यास किए बगैर चला पाना नामुमकिन है। अतीक और अशरफ हत्याकांड से जुड़े सवाल कई है, जिसमें सबसे बड़ा सवाल यहां है कि पुलिस कस्टडी में अतीक और अशरफ ने जिस तरह से लोगो के नाम कबूलना शुरू किया था। उस्से कई राजनेता और बड़े बिजनेसमैंन सकते में आ गए थें। कहीं इन सबों ने मिलकर तो नही अतीक और अशरफ को रास्ते से हटवा दिया।माफिया अतीक और अशरफ को कुछ ही सेकंड़ो में मौत की नींद सुलाने वाली जिगाना पिस्टल जो देश भर में चर्चा का विषय बनी हुई वो पिस्टल जिगाना मेड इन टर्की है, जिससें करीब दस सेकड़ो में बाईस राउंड फायरिंग हुई । इस पिस्टल का इस्तेमाल पंजाब में गैंगवार के दौरान होता रहा है। करीब एक किलो ग्राम से कम वजन की होती है। जो अचूक निशाने के लिए जानी जाती है।
जिसमें एक बार में करीब 15 से 17 राउंड फायर की क्षमता होती है। इस प्रतिबंधित जिगाना पिस्टल के अलग-अलग मॉडल और वनज होता जो करीब 720 से 890 ग्राम का होता है। यहां पिस्टल अपनी अचूक मारक क्षमता के लिए जानी जाती है। इस पिस्टल को तुर्की की कंपनी तिसास ने2001 में बनना शुरू किया गया जिसे मौजूदा दौर में सबसे खतरनाक पिस्टल के रूप में जाना जाता है। यहां पिस्टल ऑटोमेटिक फायर सेफ्टी से लेंस होती है। इस जिगाना पिस्टल को कई देशों की सेना इस्तेमाल करती हैं। और यहां पिस्टल भारत में प्रतिबंधिक है। जिसके बाद सबसे बड़ा सवाल उठता है कि यहां पिस्टल हत्यारों को कैसे मिली।पंजाब के गायक सि़द्ध् मुसेवाला की हत्या में भी इसी प्रतिबंधित जिगाना पिस्टल का इस्तेमाल हुआ था ।29 मई 2022 को पंजाब के मानसा में पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला को गोलियों की बौछार कर मौत की नींद सुला दिया गया था। इस घटना ने पुरे देश को हिला दिया था, जिन हथियारों का इस्तेमाल घटना में हुआ था। उसमें ज्यादातर ऑटोमैटिक पिस्टलों का इस्तेमाल हुआ था। जिसमें आॅस्टिया की ग्लाॅक, रूसी एएन-94, जर्मनी की पी-30 हैडगन के टर्की मेड जिगाना पिस्टल का भी इस्तेमाल हुआ था। वहीं अब प्रयागराज में अतीक और अशरफ की हत्या में इस जिगाना पिस्टल का इस्तेमाल हुआ है। जिसने यूपी पुलिस की टेंशन को बढ़ा दिया है।











