देवरिया। उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से मानवता को शर्मसार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां कोतवाली थाना क्षेत्र में दो युवकों को पेड़ से बांधकर ‘तालिबानी’ अंदाज में बेरहमी से पीटने का वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल गया। वीडियो में दबंगों की क्रूरता साफ देखी जा सकती है। हालांकि, वीडियो वायरल होते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, वायरल वीडियो में कुछ लोग दो युवकों को एक पेड़ से बांधकर लाठी-डंडों से पीटते हुए नजर आ रहे थे। पीड़ित युवक रहम की भीख मांगते रहे, लेकिन हमलावरों का दिल नहीं पसीजा। यह वीडियो जैसे ही पुलिस के संज्ञान में आया, अधिकारियों ने तुरंत जांच के आदेश दिए। 13 अप्रैल 2026 को इस संबंध में कोतवाली थाने में लिखित तहरीर प्राप्त हुई, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल प्रभाव से मुकदमा दर्ज किया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई: दो आरोपी गिरफ्तार
अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) आनन्द कुमार पाण्डेय ने बताया कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस की कई टीमें गठित की गई थीं। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और SC/ST एक्ट की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
पुलिस ने मुखबिर की सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर 14 अप्रैल को दबिश देकर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया:
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राहुल यादव (पुत्र जगदीश यादव), निवासी महुआवारी।
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संदीप वर्मा (पुत्र जयप्रकाश वर्मा), जिसका नाम जांच के दौरान सामने आया।
कानून हाथ में लेने वालों को सख्त चेतावनी
देवरिया पुलिस का कहना है कि इस मामले की गहन विवेचना अभी जारी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस घटना में और कितने लोग शामिल थे और इस बर्बरता के पीछे मुख्य वजह क्या थी। एएसपी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जिले में कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने की इजाजत किसी को नहीं है। पुलिस प्रशासन ने जनता से अपील की है कि किसी भी विवाद की स्थिति में पुलिस को सूचना दें, खुद ‘न्यायाधीश’ बनने की कोशिश न करें।
यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है, वहीं पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने अराजक तत्वों के बीच खौफ पैदा कर दिया है।










