गुजरात में ‘गजवा-ए-हिंद’ की बड़ी साजिश नाकाम: ATS ने जैश-ए-मोहम्मद के 8 संदिग्ध आतंकियों को दबोचा, पाकिस्तानी हैंडलर से मिले थे 3 लाख रुपये

अहमदाबाद/पालनपुर: गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने और युवाओं को कट्टरपंथी बनाने की एक खौफनाक साजिश का भंडाफोड़ किया है। एटीएस ने प्रतिबंधित पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े 8 संदिग्ध आतंकवादियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी तबलीगी जमात से ताल्लुक रखते हैं और सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को ‘गजवा-ए-हिंद’ के लिए तैयार कर भारत विरोधी नेटवर्क खड़ा करने की फिराक में थे।

गिरफ्तार किए गए संदिग्धों में से 7 गुजरात के विभिन्न इलाकों के हैं, जबकि एक आरोपी मध्य प्रदेश के देवास का रहने वाला है। अदालत ने सभी आरोपियों की गंभीरता को देखते हुए उन्हें 14 दिन की पुलिस रिमांड पर एटीएस को सौंप दिया है।

खुफिया इनपुट पर एक्शन: ऐसे हुआ ‘दारुल इस्लाम गुजरात जैश-ए-मोहम्मद’ का पर्दाफाश

गुजरात एटीएस के महानिरीक्षक (IG) सुनील जोशी ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि एटीएस को उत्तर गुजरात के बनासकांठा जिले के पालनपुर स्थित भागल गांव में कुछ संदिग्ध और देश विरोधी गतिविधियों की खुफिया सूचना मिली थी। जब इस इनपुट पर कड़ी निगरानी रखी गई, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।

इन युवकों ने पाकिस्तानी आतंकी और जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर की खूंखार विचारधारा से प्रेरित होकर सोशल मीडिया पर ‘दारुल इस्लाम गुजरात जैश-ए-मोहम्मद’ नाम से एक सीक्रेट ग्रुप बना रखा था। इस ग्रुप का मुख्य मकसद युवाओं को जिहाद के लिए उकसाना और भारत में आतंकी ढांचा तैयार करना था।

पाकिस्तानी हैंडलर अब्दुल्ला के सीधे संपर्क में थे दो मुख्य सूत्रधार

जांच में सामने आया है कि भागल गांव का रहने वाला 19 वर्षीय अहमद अब्दुल्ला गाजीवाला और 30 वर्षीय इब्राहिम हुसैन घाघा इस पूरे मॉड्यूल के मास्टरमाइंड हैं। ये दोनों सीधे तौर पर पाकिस्तान में बैठे अपने आका (हैंडलर) अब्दुल्ला के संपर्क में थे।

ये आरोपी व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम और यूट्यूब जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल कर मसूद अजहर के भारत विरोधी और जहरीले जिहादी भाषणों को आपस में साझा करते थे। भारत में एक सक्रिय आतंकी संगठन खड़ा करने के लिए ये लोग पाकिस्तान और सऊदी अरब में बैठे कट्टरपंथियों से लगातार आर्थिक और रणनीतिक मदद की गुहार लगा रहे थे।

हाईवे पर कश्मीरी लिंक के साथ 4 घंटे की सीक्रेट मीटिंग और हथियारों का संकल्प

एटीएस के पुलिस अधीक्षक (SP) हिमांशू उपाध्याय की पूछताछ में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। मुख्य आरोपी अहमद और इब्राहिम ने कुछ समय पहले कश्मीर से वडोदरा आए एक अज्ञात व्यक्ति से मुलाकात की थी। यह मुलाकात किसी बंद कमरे में नहीं, बल्कि एहतियात बरतते हुए हाईवे के किनारे एक सुनसान और खुले स्थान पर हुई, जहां करीब 4 घंटे तक देश विरोधी साजिश पर गहन चर्चा की गई।

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने इनके पास से उर्दू भाषा में छपा देश विरोधी साहित्य, मोबाइल फोन में सुरक्षित मसूद अजहर के भड़काऊ भाषण और जैश-ए-मोहम्मद का हाथ से बना एक झंडा भी बरामद किया है।

फंडिंग का खुलासा: राजस्थान बॉर्डर पर मिले 3 लाख, खरीदी पुरानी कार

पाकिस्तानी हैंडलर ने इस मॉड्यूल को सक्रिय रखने और उनके खर्चों के लिए गुजरात-राजस्थान सीमा पर एक गुप्त स्थान पर ₹3,00,000 की नकदी भिजवाई थी। इस रकम में से इन संदिग्धों ने ₹1,50,000 में एक पुरानी कार खरीदी ताकि वे बिना किसी शक के आसानी से मूवमेंट कर सकें। बाकी बची रकम को वे अपने दैनिक खर्चों और नेटवर्क को बढ़ाने में इस्तेमाल कर रहे थे।

पकड़े गए सभी आरोपियों की उम्र 18 से 40 वर्ष के बीच है और ये सभी पालनपुर के भागल गांव के एक मदरसे से किसी न किसी रूप में जुड़े रहे हैं।

एमपी कनेक्शन: देवास में छिपकर रह रहा था बिलाल दुर्रानी

इस आतंकी मॉड्यूल के तार मध्य प्रदेश से भी जुड़े हैं। एटीएस ने बिलाल दुर्रानी घाघा (18 वर्ष) को एमपी के देवास स्थित वारसीनगर से गिरफ्तार किया है। बिलाल का परिवार कुछ साल पहले भागल गांव (गुजरात) से ही देवास शिफ्ट हुआ था।

पड़ोसियों के मुताबिक, बिलाल काफी रहस्यमयी था; वह किसी से ज्यादा बात नहीं करता था और अकेला रहता था। मध्य प्रदेश में रहने के बावजूद वह गुजराती में बात करता था और अक्सर गुजरात के भागल गांव आता-जाता रहता था। पकड़े गए आरोपियों में दो सगे भाई हैं, जबकि दो आपस में मामा-भांजे हैं। इन्होंने गांव के ही एक मौलवी को भी अपने व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल कर रखा था।

‘गाजा की पुकार’ और ‘तुम पर जंग फर्ज है’ जैसी भड़काऊ किताबों से ब्रेनवाश

आईजी सुनील जोशी के अनुसार, पाकिस्तानी हैंडलर इस ग्रुप को किसी बड़ी आतंकी घटना या विशेष अवसर के लिए स्लीपर सेल के रूप में तैयार कर रहा था। ये आरोपी उन युवाओं को चिन्हित करते थे जिनका झुकाव चरमपंथ की तरफ हो, फिर उन्हें ‘विशेष दावत’ पर बुलाकर उनका ब्रेनवॉश किया जाता था।

इनके पास से बरामद उर्दू पुस्तक के कवर पेज पर अमेरिका और इजरायल के झंडे, इजरायल का नक्शा, मस्जिद-ए-अक्सा और डोम ऑफ द रॉक के चित्र बने हैं, जिस पर ‘गाजा की पुकार, आओ अपनी जड़ों की ओर लौटें, क्या हम सो रहे हैं?’ जैसे नारे लिखे हैं। वहीं, ‘मकतबा अजीजिया’ प्रकाशक की एक अन्य किताब पर रसूल की तलवार के चित्र के साथ लिखा है- ‘कुतिबा अलैकुमुल किताल’ अर्थात ‘तुम पर जंग फर्ज किया गया है’। इसमें युवाओं को गजवा-ए-हिंद के लिए मानसिक रूप से तैयार करने का पूरा खाका था।

कंधार कांड के विलेन मसूद अजहर की विचारधारा पर काम कर रहा था मॉड्यूल

गौरतलब है कि जैश-ए-मोहम्मद का सरगना मौलाना मसूद अजहर भारत और वैश्विक स्तर पर एक प्रतिबंधित आतंकवादी है। साल 1994 में भारत ने उसे गिरफ्तार किया था, लेकिन 1999 के कुख्यात कंधार विमान अपहरण (IC-814) के दौरान यात्रियों की सुरक्षित रिहाई के बदले उसे छोड़ना पड़ा था। मसूद अजहर ही भारत की संसद, पुलवामा आतंकी हमला और पठानकोट एयरबेस हमले का मुख्य साजिशकर्ता है, जिसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने ग्लोबल टेररिस्ट घोषित कर रखा है।

यूएपीए और बीएनएस की संगीन धाराओं में केस दर्ज, ये हैं गिरफ्तार आरोपी:

गुजरात एटीएस ने सभी आरोपियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA) की धारा 13, 17, 18, 38, 39 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 148 व 61 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। एटीएस ने सबसे पहले मुख्य सूत्रधार अहमद अब्दुल्ला और इब्राहिम को नंदासणा (मेहसाणा) से दबोचा था, जिसके बाद उनकी निशानदेही पर अन्य गिरफ्तारियां हुईं।

पकड़े गए संदिग्धों की सूची:

  1. अहमद अब्दुल्ला गाजीवाला (19 वर्ष) – निवासी: भागल, पालनपुर, गुजरात

  2. इब्राहिम हुसैन घाघा (30 वर्ष) – निवासी: भागल, पालनपुर, गुजरात

  3. मुदस्सर गाजीवाला (22 वर्ष) – निवासी: भागल, पालनपुर, गुजरात

  4. जकारिया दुर्रानी घाघा (21 वर्ष) – निवासी: जामिया अबुल हसन मदरसा, खड़ियासाना, सिद्धपुर, पाटण

  5. मुफ्ती फौजान (40 वर्ष) – निवासी: जामिया अबुल हसन मदरसा, खड़ियासाना, सिद्धपुर, पाटण

  6. मोहम्मद अमीन शेरा (21 वर्ष) – निवासी: जामिया अबुल हसन मदरसा, खड़ियासाना, सिद्धपुर, पाटण

  7. मोहम्मद अब्दुल सावदी (22 वर्ष) – निवासी: चीखली, नवसारी, गुजरात

  8. बिलाल दुर्रानी घाघा (18 वर्ष) – निवासी: वारसीनगर, देवास, मध्य प्रदेश

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