जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन में भारी उपद्रव : प्रदर्शन के 34वें दिन पथराव में 2 ACP समेत कई घायल, नकाबपोश हुड़दंगियों ने रात भर काटा बवाल; बुलाई गईं CRPF की 20 कंपनियां

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक तथा शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन अब उग्र रूप लेता जा रहा है। प्रदर्शन के 34वें दिन बुधवार की शाम जंतर-मंतर पर उस वक्त माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया, जब हजारों की संख्या में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के समर्थकों और प्रदर्शनकारियों की भीड़ में मौजूद उग्र तत्वों ने पुलिस पर जमकर पथराव कर दिया। इस हिंसक झड़प में दो एसीपी (ACP), दो इंस्पेक्टर और एक कांस्टेबल समेत कई लोग घायल हो गए।

देर रात तक चले इस भारी ड्रामे और हंगामे के बाद जंतर-मंतर, टॉल्सटॉय मार्ग और संसद मार्ग पर स्थिति को काबू में करने के लिए दिल्ली पुलिस के साथ-साथ पैरामिलिट्री फोर्सेस को मोर्चा संभालना पड़ा है। बिगड़ते हालात को देखते हुए केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल से सीआरपीएफ (CRPF) की 20 अतिरिक्त कंपनियां दिल्ली बुलाई हैं, जो एंटी-राइट्स गियर और स्टन शेल के साथ जंतर-मंतर पर मुस्तैद कर दी गई हैं।

नकाबपोशों ने स्पाइडरमैन के मास्क और रुमाल से छुपाए चेहरे, बैरीकेड तोड़ने की कोशिश

प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार, बुधवार शाम 8 बजे के बाद अचानक भीड़ का दायरा 3 से 4 हजार तक पहुंच गया। भीड़ में मौजूद कई असामाजिक तत्वों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए स्पाइडरमैन के मास्क, नकाब और रुमाल से अपने चेहरे ढक रखे थे। रात भर उपद्रवियों ने रेड लाइट और बैरीकेड्स के पास भारी हंगामा किया और पुलिस द्वारा लगाए गए मजबूत बैरिकेड्स को उखाड़ने की कोशिश की।

इस दौरान उग्र भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा। पथराव की पहली घटना शाम करीब 4:30 बजे हुई, जिसमें पत्थर लगने से एसीपी जय प्रकाश के माथे पर गंभीर चोट आई। इसके बाद देर रात दोबारा हुई पत्थरबाजी में एक अन्य एसीपी और कई पुलिसकर्मी लहूलुहान हो गए। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

CJP नेताओं ने कहा- ‘बाहर से भेजे गए गुंडे, जो आंदोलन का माहौल खराब कर रहे’

हंगामे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए CJP नेता अभिजीत दिपके ने कहा कि पिछले एक महीने से यह आंदोलन पूरी तरह से शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा था। लेकिन पिछले 3-4 दिनों से बाहर से कुछ असामाजिक तत्व और गुंडे भेजे गए हैं, जो सोची-समझी साजिश के तहत आंदोलन का माहौल खराब कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि असली प्रदर्शनकारी वार्ता के लिए तैयार हैं और जंतर-मंतर पर ही बात होगी।

वहीं, पुलिस सूत्रों का कहना है कि उन्होंने स्थिति को सामान्य बनाने के लिए सीजेपी के प्रमुख नेताओं सौरभ दास और आशुतोष रांका से भी संवाद स्थापित किया, लेकिन उग्र भीड़ ने अपने ही नेताओं की बात सुनने से इनकार कर दिया।

ड्रोन से रखी जा रही नजर, पश्चिम बंगाल से पहुंचीं CRPF की 20 कंपनियां

गुरुवार सुबह भले ही जंतर-मंतर पर शांति दिखाई दे रही हो, लेकिन तनाव अभी भी बरकरार है। हजारों की संख्या में समर्थक अभी भी मौके पर डटे हुए हैं और सरकार व दिल्ली पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। दिल्ली पुलिस पूरे इलाके में ड्रोन कैमरों के जरिए प्रदर्शनकारियों की हर एक गतिविधि पर पल-पल की नजर रख रही है।

सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए पश्चिम बंगाल से पहुंचीं सीआरपीएफ की 20 कंपनियों ने दिल्ली पुलिस को रिपोर्ट कर दिया है। जंतर-मंतर और आसपास के सभी रास्तों को सील कर दिया गया है तथा रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और एंटी-राइट्स वेपन से लैस जवान पूरी दिल्ली में हाई अलर्ट पर हैं।

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