लखनऊ। राजधानी लखनऊ के जानकीपुरम स्थित सेक्टर-एफ में गुरुवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब इंजीनियरिंग कॉलेज के पास बने एक भवन से अचानक ऊंची लपटें और धुएं का गुबार उठने लगा। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। घटना की सूचना मिलते ही बीकेटी (बक्शी का तालाब) फायर स्टेशन की टीम मौके पर पहुंची और राहत व बचाव कार्य शुरू किया। दमकल कर्मियों की तत्परता और करीब 30 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया।
सुबह 9:34 बजे मिली सूचना, मौके पर भेजी गईं गाड़ियां
अग्निशमन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, गुरुवार सुबह लगभग 9:34 बजे जानकीपुरम के सेक्टर-एफ स्थित मकान नंबर बी-2/22 में आग लगने की आपातकालीन सूचना मिली थी। मामला संवेदनशील होने के कारण फायर ब्रिगेड प्रभारी बीकेटी के नेतृत्व में दो दमकल गाड़ियां तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना की गईं। जब तक टीम मौके पर पहुंची, तब तक इमारत से काफी तेज लपटें उठ रही थीं और चारों तरफ जहरीला धुआं भर चुका था।
अन्य फायर स्टेशनों से बुलाई गईं गाड़ियां, संयुक्त ऑपरेशन चला
आग की भयावहता और आसपास रिहाइशी इलाका होने के खतरे को भांपते हुए बीकेटी टीम ने तुरंत अन्य नजदीकी फायर स्टेशनों से भी अतिरिक्त दमकल वाहनों को बैकअप के लिए बुला लिया। इसके बाद दमकल कर्मियों ने चारों तरफ से पानी की बौछारें शुरू कीं और संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। कुछ ही समय में दमकल की टीमों ने आग की लपटों को शांत कर दिया। हालांकि, इस अग्निकांड में भवन के भीतर रखा सारा सामान जलकर पूरी तरह राख हो गया।
समय रहते की गई कार्रवाई, टली बड़ी तबाही
अग्निशमन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि दमकल टीम के समय रहते मौके पर पहुंचने और त्वरित कार्रवाई करने की वजह से कोई जनहानि नहीं हुई है। सबसे राहत की बात यह रही कि आग को पड़ोस की अन्य इमारतों तक फैलने से रोक लिया गया, जिससे आसपास के दर्जनों मकान सुरक्षित बच गए। फिलहाल, आग लगने के स्पष्ट कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस और फायर विभाग की टीम आग लगने की वजहों की जांच कर रही है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।









