बेंगलुरु में दिल दहला देने वाली वारदात: नामी IT कंपनी के डे-केयर में मासूमों से बर्बरता, रोने पर वॉशिंग मशीन में डालते थे केयरटेकर

बेंगलुरु: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से एक ऐसी खौफनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने बच्चों की सुरक्षा और डे-केयर सेंटर्स पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ की एक जानी-मानी आईटी कंपनी ‘कैपजेमिनी’ (Capgemini) के ब्रुकफील्ड कैंपस में चल रहे डे-केयर सेंटर में मासूम बच्चों के साथ कथित तौर पर गंभीर शारीरिक और मानसिक दुर्व्यवहार का मामला प्रकाश में आया है। सोशल मीडिया पर रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो वायरल होने के बाद हरकत में आई बेंगलुरु पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए दो महिला कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया है।

रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो: रोने पर वॉशिंग मशीन में बंद करने की क्रूरता

यह पूरा मामला तब उजागर हुआ जब डे-केयर सेंटर के अंदर का एक बेहद विचलित करने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में दो से तीन साल के बेहद छोटे और मासूम बच्चों के साथ अमानवीय व्यवहार होते देखा जा सकता है। वायरल क्लिप में साफ दिख रहा है कि बच्चों को सजा के तौर पर बाथरूम में बंद किया जाता था, उन पर टॉयलेट जेट स्प्रे से पानी छिड़का जाता था। हद तो तब पार हो गई जब बच्चे डरकर रोने लगते, तो उन्हें चुप कराने के लिए फ्रंट-लोडिंग वॉशिंग मशीन के अंदर डाल दिया जाता था। यह वीडियो इतना परेशान करने वाला है कि इसे सामान्य रूप से देखा भी नहीं जा सकता। वीडियो के सामने आने के बाद से ही पीड़ित बच्चों के माता-पिता और आम जनता में भारी आक्रोश है।

जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत मुकदमा, मुख्य आरोपी नैनी सहित 2 गिरफ्तार

वीडियो के आधार पर बेंगलुरु पुलिस ने तुरंत संज्ञान लेते हुए जुवेनाइल जस्टिस (जेजे) एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू की। वीडियो में दिख रही मुख्य आरोपी महिला की पहचान विजयलक्ष्मी के रूप में हुई है, जो इस डे-केयर सेंटर में नैनी और केयरटेकर के तौर पर तैनात थी। पुख्ता सबूतों और वीडियो फुटेज के आधार पर पुलिस ने विजयलक्ष्मी समेत एक अन्य महिला कर्मचारी को गिरफ्तार कर लिया है। अदालत ने मुख्य आरोपी को फिलहाल 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

कंपनी ने डे-केयर को किया बंद, पुलिस खंगाल रही ड्यूटी रोस्टर

बेंगलुरु के पुलिस कमिश्नर के मुताबिक, वीडियो की सत्यता की पुष्टि होने के बाद ही आरोपियों को कस्टडी में लिया गया है। पुलिस अब आगे की गहन पूछताछ के लिए आरोपियों की पुलिस रिमांड मांगेगी। पुलिस अधिकारी अब इस बात की भी तफ्तीश कर रहे हैं कि क्या इस घिनौनी करतूत में प्रबंधन या अन्य स्टाफ के लोग भी शामिल थे। इसके लिए डे-केयर के ड्यूटी रोस्टर और सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच की जा रही है।

आपको बता दें कि यह डे-केयर सुविधा आईटी कंपनी द्वारा विशेष रूप से अपने कर्मचारियों के बच्चों की देखरेख के लिए चलाई जा रही थी। इस दर्दनाक घटना के सामने आने के बाद कैपजेमिनी कंपनी ने ब्रुकफील्ड कैंपस के इस डे-केयर सेंटर को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। कंपनी ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि वे इस घटना से बेहद स्तब्ध हैं और पुलिस जांच में हर संभव सहयोग कर रहे हैं।

 

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