नई दिल्ली। देश में इस समय मौसम के दो बेहद अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां उत्तर प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड और दिल्ली के कई इलाकों में प्री-मानसून और मानसून की बारिश ने दस्तक दे दी है, वहीं दूसरी तरफ छह राज्यों में अब भी सूरज की तपिश और भीषण गर्मी का दौर जारी है। हरियाणा और दिल्ली में पारा इस समय भी 43°C के पार बना हुआ है।
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, मानसून ने 24 जून को मध्य प्रदेश और गुजरात के रास्ते आगे बढ़ते हुए अब तक देश के 22 राज्यों को कवर कर लिया है। हालांकि, इसके बाद इसकी रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ी है, लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि 5 जुलाई 2026 तक मानसून पूरे देश को अपनी आगोश में ले लेगा।
उत्तर प्रदेश: 24 घंटे में मानसून की एंट्री, सभी 75 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट
उत्तर प्रदेश में मानसून के आगमन के लिए मौसमी सिस्टम पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। राजधानी लखनऊ समेत 15 जिलों में सोमवार को हुई तेज बारिश के बाद मंगलवार को भी अयोध्या, गोरखपुर, बरेली, रामपुर और मुरादाबाद में रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहा। मौसम विभाग ने आज प्रदेश के सभी 75 जिलों में आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है। अगले 24 घंटे के भीतर मानसून कभी भी यूपी की सीमा में आधिकारिक प्रवेश कर सकता है।
हादसे और नुकसान: मिर्जापुर में मूसलाधार बारिश के चलते एक अंडरपास में करीब 3 फीट तक पानी भर गया। वहीं, फिरोजाबाद के एक गांव में चलती ई-रिक्शा पर नीम का विशाल पेड़ गिरने से 5 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 2 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। इसके अलावा, बस्ती और महराजगंज में आकाशीय बिजली (Lightening) गिरने से 2 लोगों की जान चली गई है।
असम में बाढ़ का कहर: 22 हजार लोग प्रभावित, 96 गांव डूबे
पूर्वोत्तर भारत के राज्यों—अरुणाचल प्रदेश और असम में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। अरुणाचल में मूसलाधार बारिश के कारण लेकू नदी उफान पर आ गई है, जिसका पानी असम के जोनाई इलाके में घुसने से वहां भीषण बाढ़ आ गई है। इस बाढ़ के कारण नेशनल हाईवे-515 (NH-515) भी पूरी तरह जलमग्न हो चुका है।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) की रिपोर्ट के अनुसार:
-
प्रभावित आबादी: राज्य के 6 जिलों में 22 हजार से ज्यादा लोग बाढ़ की चपेट में हैं।
-
सबसे प्रभावित जिला: धेमाजी जिला बाढ़ से सबसे बुरी तरह प्रभावित है, जहां अकेले 16 हजार लोग संकट में हैं।
-
फसल और मवेशी: बाढ़ के पानी में 96 गांव डूब चुके हैं। लगभग 1690 हेक्टेयर में लगी फसल बर्बाद हो गई है और 48 हजार से अधिक जानवर प्रभावित हुए हैं।
बिहार, एमपी और राजस्थान का हाल: भारी बारिश और ऑरेंज अलर्ट
-
बिहार: राज्य में मानसून पूरी तरह एक्टिव है। पटना सहित 27 जिलों में मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यहां 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। सोमवार को पटना, मुंगेर और सीतामढ़ी में आकाशीय बिजली गिरने से 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि 24 लोग झुलस गए।
-
मध्य प्रदेश: एमपी के बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट सहित 50 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट है। इन जिलों में 100mm तक बारिश दर्ज की जा सकती है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 2 जुलाई से एक नया मौसमी सिस्टम बन रहा है, जिससे बारिश की गतिविधियों में और तेजी आएगी।
-
राजस्थान: राज्य के 26 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट है। हालांकि, जून के अंत में भी पश्चिमी राजस्थान (जोधपुर, बीकानेर, श्रीगंगानगर) में मई जैसी चुभने वाली गर्मी पड़ रही है, जहां तापमान 45°C के ऊपर बना हुआ है।















