ठाणे जिला मध्यव्रती सहकारी बैंक चुनाव में रविंद्र चव्हाण-एकनाथ शिंदे का मास्टरस्ट्रोक, दोनों की रणनीति से विरोधी पैनल चारों खाने चित, 21 में से 13 सीटों पर कब्जा

चव्हाण शिंदे की राजनीतिक रणनीति लाई रंग

ठाणे जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के पैनल प्रणाली से संपन्न चुनाव में केंद्र और राज्य में सहयोगी दल होने के बावजूद भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) के उम्मीदवार अलग-अलग पैनलों से चुनाव मैदान में उतरे। चुनाव परिणामों में ‘सहकार पैनल’ ने ‘परिवर्तन पैनल’ को पराजित करते हुए बहुमत हासिल किया।

ठाणे जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक पर पिछले कई वर्षों से हितेंद्र ठाकूर के नेतृत्व वाली बहुजन विकास आघाड़ी का प्रभाव रहा है। इस बार बैंक की सत्ता में बदलाव के उद्देश्य से उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और रवींद्र चव्हाण के नेतृत्व में महायुति ने अपनी रणनीति के तहत दोनों पैनलों में उम्मीदवार उतारे। सहकार पैनल में शिंदे गुट के उम्मीदवारों के साथ विधायक किसन कथोरे के नेतृत्व में भाजपा के कई उम्मीदवार मैदान में थे, जबकि परिवर्तन पैनल में भी भाजपा और शिंदे गुट के उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे थे। दोनों पक्षों का कहना था कि उनके पास बड़ी संख्या में इच्छुक उम्मीदवार और कार्यकर्ता होने के कारण यह रणनीति अपनाई गई।

हाल ही में घोषित परिणामों के अनुसार भाजपा के 8 तथा शिंदे गुट के 5 उम्मीदवार विजयी हुए हैं। कुल 21 सीटों के लिए हुए चुनाव में बहुमत के लिए 11 सीटों की आवश्यकता थी, जबकि महायुति समर्थित कुल 13 उम्मीदवार विजयी रहे। इसके साथ ही बैंक में महायुति समर्थित सदस्यों का बहुमत सुनिश्चित हो गया है।

राजनीतिक हलकों में अब बैंक के अध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारियों के चयन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि इस संबंध में अंतिम निर्णय महायुति के वरिष्ठ नेतृत्व के स्तर पर लिया जाएगा। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि बैंक के नेतृत्व की जिम्मेदारी किसे सौंपी जाती है।

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