गोरखपुर. उत्तर प्रदेश के दो सबसे हाई-प्रोफाइल धार्मिक स्थलों—अयोध्या के भव्य राम मंदिर और गोरखपुर के प्रसिद्ध गोरक्षापीठ—को बम से उड़ाने की एक बेहद सनसनीखेज धमकी मिलने का मामला सामने आया है। यह धमकी भरा कॉल किसी आम नंबर या पुलिस कंट्रोल रूम में नहीं, बल्कि सीधे डीआईजी (DIG) गोरखपुर के सरकारी मोबाइल नंबर पर आया। देश के दो सबसे संवेदनशील और वीवीआईपी आस्था केंद्रों को एक साथ निशाना बनाने की बात सुनते ही पुलिस महकमे के होश उड़ गए और आधी रात को ही गोरखपुर से लेकर अयोध्या तक सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गईं।
DIG के मोबाइल पर आई घंटी और पुलिस महकमे में मची खलबली
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, बीती रात गोरखपुर रेंज के डीआईजी के सरकारी मोबाइल फोन पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। फोन करने वाले शख्स ने बेहद बेखौफ अंदाज में गोरखपुर के गोरक्षापीठ (जिसके पीठाधीश्वर स्वयं सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं) और अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि मंदिर को बम से उड़ाने की खुली धमकी दे डाली। उत्तर प्रदेश के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले इन दोनों धार्मिक स्थलों को उड़ाने की बात सुनते ही आला अधिकारियों के पैर तले जमीन खिसक गई। देर रात ही आनंद-फानन में सर्विलांस और साइबर सेल को एक्टिव किया गया और धमकी देने वाले की लोकेशन ट्रेस करने के लिए पुलिस की कई टीमें ताबड़तोड़ छापेमारी के लिए रवाना की गईं।
एक्शन में गोरखपुर पुलिस: चंद घंटों के भीतर दबोचा गया आरोपी
चूंकि मामला सीधे मुख्यमंत्री के गृह जनपद और करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र राम मंदिर की सुरक्षा से जुड़ा था, इसलिए गोरखपुर पुलिस प्रशासन ने बिना एक पल गंवाए चारों तरफ जाल बिछा दिया। तकनीकी सर्विलांस की मदद से पुलिस ने उस मोबाइल नंबर की सटीक लोकेशन निकाली और महज कुछ ही घंटों के भीतर धमकी देने वाले शख्स को अपनी गिरफ्त में ले लिया। आरोपी की इतनी त्वरित गिरफ्तारी के बाद ही पुलिस प्रशासन ने थोड़ी राहत की सांस ली।
एसपी सिटी ने किया बड़ा खुलासा, पूछताछ में सामने आया चौंकाने वाला सच
इस पूरे हाई-प्रोफाइल मामले और पुलिस की त्वरित कार्रवाई के संबंध में जब दैनिक भास्कर प्रतिनिधि ने गोरखपुर के एसपी सिटी (SP City) अभिनव त्यागी से सीधी बात की, तो उन्होंने पूरे घटनाक्रम की सच्चाई से पर्दा उठाया।
“डीआईजी साहब के नंबर पर धमकी भरा फोन आने के बाद पुलिस तुरंत एक्टिव हो गई थी। हमारी टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जब आरोपी को पकड़कर गहन पूछताछ की, तो पूरा मामला बिल्कुल अलग निकला। धमकी देने वाला शख्स दरअसल एक नाबालिग है। जांच में यह बात साफ हुई है कि वह मानसिक रूप से विक्षिप्त (मेंटली डिस्टर्ब) है। उसकी दिमागी हालत ठीक नहीं है, जिसके कारण उसने इस तरह की हरकत को अंजाम दिया।” — अभिनव त्यागी, एसपी सिटी
विक्षिप्त होने के कारण अब तक FIR नहीं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने आगे स्पष्ट करते हुए बताया कि चूंकि आरोपी एक नाबालिग बच्चा है और मानसिक रूप से पूरी तरह अस्वस्थ है, इसलिए फिलहाल इस मामले में अब तक कोई औपचारिक प्राथमिकी (FIR) दर्ज नहीं की गई है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह बड़ी राहत की बात रही कि यह किसी आतंकी संगठन या बड़ी साजिश का हिस्सा नहीं बल्कि एक दिमागी रूप से बीमार बच्चे की शरारत थी। हालांकि, एहतियात के तौर पर दोनों ही महातीर्थों की सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है।













