
नई दिल्ली (हि.स.)। दिल्ली अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के सर्वर पर साइबर हमले के बाद हैकर्स ने मंगलवार को भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की वेबसाइट को भी हैक करने की कोशिश की। हालांकि हैकर्स की कोशिशों को नाकाम कर दिया गया है। आईसीएआर के मुताबिक उनकी वेबसाइट सुरक्षित है।
आईसीएमआर के अधिकारी के मुताबिक उनकी वेबसाइट की सुरक्षा की जिम्मेदारी एनआईसी डेटा सेंटर की है। वेबसाइट की फ़ायरवॉल एनआईसी से है और इसे नियमित रूप से अपडेट किया जाता है। एनआईसी को साइबर हमले के बारे में ईमेल के माध्यम से तुरंत सूचित किया गया, जिसके कारण इस पर त्वरित कार्रवाई की गई।
आईसीएमआर के सूत्रों के मुताबिक हांगकांग के हैकरों ने 30 नवंबर को चौबीस घंटे के दौरान वेबसाइट में करीब 6,000 बार सेंध लगाने की कोशिश की। ये हमले कथित रैनसमवेयर हमले की पृष्ठभूमि में हुए, जिसकी वजह से अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स ) की ऑनलाइन सेवा बाधित हो गई थी लेकिन अब वेबसाइट बिल्कुल सुरक्षित है।











