ट्विशा शर्मा मौत मामला: ’72 घंटे, 72 सुलगते सवाल और वो खौफनाक रात…’, CBI के सामने पति समर्थ और सास ने उगले कई गहरे राज

जबलपुर । मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीबीआई (CBI) की तफ्तीश बेहद आक्रामक मोड़ पर पहुंच चुकी है। 5 दिनों की कड़े पहरे वाली रिमांड के बाद आज यानी 2 जून को ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह की सीबीआई कस्टडी खत्म हो रही है। जांच टीम आज ही दोनों आरोपियों को जबलपुर हाई कोर्ट में पेश करने की तैयारी में है। लेकिन इस पेशी से पहले बीते 72 घंटों में जो कुछ भी सीबीआई के बंद कमरों में हुआ, उसने इस हाई-प्रोफाइल मौत मिस्ट्री की पूरी कहानी को हिलाकर रख दिया है। सीबीआई के तेजतर्रार अफसरों ने मां-बेटे की जोड़ी का सामना ऐसे तीखे और सुलगते सवालों से कराया कि दोनों के पसीने छूट गए।

72 घंटे की पूछताछ और 72 सवालों की वो चक्रव्यूह

सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के मुताबिक, सीबीआई ने इन 5 दिनों की रिमांड के दौरान बेहद सधे हुए अंदाज में एक लंबी सवालों की फेहरिस्त तैयार की थी। 72 घंटे की सघन पूछताछ में समर्थ और गिरिबाला से पूरे 72 सवाल दागे गए। जांच टीम ने ट्विशा और समर्थ की पहली मुलाकात की रोमैंटिक दास्तां से लेकर, उनकी डेटिंग, शादी, ट्विशा की प्रेग्नेंसी और फिर आखिरकार 12 मई की उस खौफनाक रात तक की पूरी क्रोनोलॉजी को खंगाला। सीबीआई यह जानने की कोशिश कर रही है कि आखिर वो कौन सी वजह थी जिसने हंसती-खेलती मॉडल को मौत के गले लगाने पर मजबूर कर दिया।

शरीर पर चोट के निशान पर मौन, सास बोलीं- ‘वक्त के साथ बदल गया था ट्विशा का स्वभाव’

पूछताछ के दौरान जब सीबीआई के जांच अधिकारी ने ट्विशा के शरीर पर पाए गए रहस्यमयी चोट के निशानों को लेकर सीधा सवाल किया, तो सास गिरिबाला सिंह के पास कोई ठोस जवाब नहीं था और वो खामोश हो गईं। हालांकि, खुद को संभालते हुए उन्होंने जातिगत प्रताड़ना के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। गिरिबाला ने कहा कि वे शादी से पहले ही ट्विशा से मिली थीं। समर्थ ने जब अपनी पसंद बताई तो वे बेहद खुश थीं कि उनके घर में एक ब्राह्मण लड़की बहू बनकर आ रही है, उनके परिवार ने कभी कोई भेदभाव नहीं किया।

गिरिबाला ने आगे दावा किया कि शुरुआत में ट्विशा का व्यवहार बहुत ही सौम्य और अच्छा था, लेकिन समय बीतने के साथ उसके स्वभाव में अजीबोगरीब बदलाव आने लगे। सास के मुताबिक, ट्विशा को पौधे पसंद थे लेकिन वो कभी उनकी परवाह नहीं करती थी, उसे बच्चे अच्छे लगते थे लेकिन वो खुद मां बनने के लिए तैयार नहीं थी। उन्होंने यह भी दलील दी कि शादी के महज पांच महीनों के भीतर ट्विशा पांच बार अपने मायके लौट गई थी। जब सीबीआई ने तीखा सवाल किया कि ‘अगर समर्थ बेकसूर था तो वो पुलिस को देखकर फरार क्यों हुआ और अग्रिम जमानत क्यों मांगी?’ इस पर सास ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा कि ‘हां, वो हमारी एक बड़ी भूल थी।’

5 महीने में 7 लाख की मदद, ड्रग्स और डिप्रेशन का दावा

सीबीआई के सामने खुद को बेकसूर साबित करने के लिए आरोपी परिवार ने आर्थिक लेन-देन का भी ब्योरा रखा। गिरिबाला सिंह ने दावा किया कि ट्विशा को जब भी रुपयों की किल्लत हुई, पूरे परिवार ने उसकी दिल खोलकर मदद की। यहां तक कि शादी से पहले ट्विशा के भाई के विवाह में भी पैसे दिए गए और जब ट्विशा की नौकरी छूट गई, तो उसे हर महीने नियमित रूप से खर्च भेजा जाता था। सास के मुताबिक, 5 महीने के भीतर ट्विशा को करीब 7 लाख रुपये दिए गए थे।

जब सीबीआई ने ट्विशा को दी जाने वाली नशीली दवाओं (ड्रग्स) और उसके मानसिक स्वास्थ्य पर घेरा, तो सास ने मेडिकल पर्चे दिखाते हुए दावा किया कि ट्विशा गंभीर अवसाद (डिप्रेशन), एंजायटी, पर्सनैलिटी डिसऑर्डर और एडजस्टमेंट प्रॉब्लम जैसी मानसिक बीमारियों से जूझ रही थी, जिसका डॉक्टरों से बकायदा इलाज चल रहा था।

एबॉर्शन की दवा और 12 मई की आखिरी रात का पूरा सच

वहीं, पति समर्थ सिंह ने सीबीआई के सामने अपनी सफाई में कहा कि शादी के शुरुआती दिन किसी हसीन सपने जैसे थे। दोनों साथ में मॉर्निंग वॉक पर जाते, जिम करते और क्वालिटी टाइम बिताते थे। लेकिन कहानी तब बदली जब ट्विशा प्रेग्नेंट हुई। समर्थ के अनुसार, ट्विशा बच्चे को लेकर बेहद असमंजस में थी—कभी वो मां बनना चाहती तो कभी नहीं। समर्थ ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि गर्भपात (Abortion) की दवा लेने के बाद ट्विशा का मानसिक संतुलन और बिगड़ गया था, जिसके बाद उन्होंने मनोचिकित्सकों की भी सलाह ली थी।

मौत के दिन यानी 12 मई की दास्तां बयां करते हुए समर्थ ने बताया कि उस दिन ट्विशा पार्लर गई थी। वहां से लौटने के बाद दोनों ने लगभग 45 मिनट तक घर के बाहर वॉक किया, साथ खाना खाया और टीवी देखा। लेकिन अचानक ट्विशा की मां का फोन आया और वो फोन पर ही रोने लगी। समर्थ का दावा है कि उन्हें समझ ही नहीं आया कि अचानक ऐसा क्या हुआ जिसके बाद ट्विशा ने कमरे में जाकर यह आत्मघाती कदम उठा लिया।

‘मैंने पैर पकड़े, मां ने फंदा काटा’—समर्थ बोला- मैं उससे बेहद प्यार करता था

समर्थ ने सीबीआई को बताया कि जब उसने ट्विशा को फंदे से लटका देखा, तो उसके होश उड़ गए। उन्हें लगा कि शायद ट्विशा की सांसें चल रही हैं। समर्थ ने फौरन ट्विशा के पैरों को ऊपर उठाया और उसकी मां गिरिबाला ने गले में कसी बेल्ट को काटा। नीचे उतारने के बाद दोनों ने उसे सीपीआर (CPR) दिया और तुरंत अस्पताल भागे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। समर्थ ने दावा किया कि इस पूरी घटना और उनके बचाने की कोशिशों के पुख्ता सीसीटीवी फुटेज भी घर में मौजूद हैं।

जब सीबीआई ने दोनों के अलग-अलग बेडरूम में सोने को लेकर कड़ाई से पूछा, तो समर्थ भावुक हो गया। उसने कहा कि वह खुद भी करियर और जिंदगी के कुछ मोर्चों पर नाकामी का सामना कर रहा था, ऊपर से ट्विशा लगातार बच्चे को लेकर मानसिक तनाव दे रही थी, जिससे वो परेशान था। लेकिन समर्थ ने रोते हुए सीबीआई के सामने आखिरी बात यही कही, “चाहे जो भी रहा हो, मैं अपनी पत्नी ट्विशा से बेइंतहा प्यार करता था।” अब देखना होगा कि इस कबूलनामे और दावों के बीच आज हाई कोर्ट सीबीआई को इन आरोपियों की आगे की रिमांड सौंपती है या इन्हें जेल की सलाखों के पीछे जाना होगा।

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