पाकिस्तान के बहावलपुर में जैश का ठिकाना फिर सक्रिय, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में तबाह हुए मरकज सुभान अल्लाह की हुई मरम्मत

पाकिस्तान के बहावलपुर में स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammed) का प्रमुख ठिकाना ‘मरकज सुभान अल्लाह’ एक बार फिर सक्रिय होता नजर आ रहा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारी नुकसान झेल चुकी इस इमारत में मरम्मत और पुननिर्माण का काम तेजी से किया गया है। बहावलपुर लंबे समय से इस वैश्विक आतंकी संगठन का मुख्य रणनीतिक और संगठनात्मक केंद्र माना जाता रहा है।

जामिया सुभान अल्लाह परिसर में मरम्मत का काम पूरा

बहावलपुर में एन-5 राष्ट्रीय राजमार्ग के पास स्थित जामिया सुभान अल्लाह परिसर जैश-ए-मोहम्मद का एक प्रमुख गढ़ है। ताज़ा रिपोर्टों के मुताबिक, भारतीय सैन्य कार्रवाई में क्षतिग्रस्त हुई इमारत के हिस्सों को दुरुस्त कर लिया गया है। उपग्रह और रणनीतिक जानकारियों के अनुसार, परिसर के क्षतिग्रस्त गुंबदों को दोबारा तैयार किया गया है, जिनके नए बने हिस्सों का रंग इमारत के पुराने ढाँचे से स्पष्ट रूप से अलग दिखाई दे रहा है।

ऑपरेशन सिंदूर में तबाह हुआ था आतंकी ठिकाना

भारतीय सेना द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान बहावलपुर स्थित जैश के इस ठिकाने को मुख्य निशाना बनाया गया था, जिसमें परिसर को भारी क्षति पहुँची थी। इस कार्रवाई के बाद संयुक्त राष्ट्र (UN) द्वारा अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित मसूद अजहर ने खुद स्वीकार किया था कि हमले में उसके परिवार के 10 सदस्यों और संगठन से जुड़े 4 अन्य लोगों की मौत हुई थी। मसूद अजहर का नाम भारत में हुए कई घातक आतंकवादी हमलों का मुख्य साजिशकर्ता रहा है।

जैश-ए-मोहम्मद का प्रमुख वैचारिक और प्रशिक्षण केंद्र

जामिया मस्जिद सुभान अल्लाह की स्थापना के बाद से ही यह परिसर जैश-ए-मोहम्मद की धार्मिक, संगठनात्मक और कट्टरपंथी गतिविधियों का मुख्य केंद्र रहा है। इस ठिकाने का इस्तेमाल नए आतंकियों के कैडर तैयार करने, कट्टरपंथी पाठ पढ़ाने और सांगठनिक बैठकों के लिए किया जाता रहा है। इसी सामरिक महत्व के कारण भारत ने सीमा पार कार्रवाई करते हुए इसे तबाह किया था।

सोशल मीडिया के जरिए जुटाया गया चंदा

सामने आई जानकारियों के मुताबिक, हमले में तबाह हुए हिस्से के पुनर्निर्माण के लिए जैश से जुड़े सोशल मीडिया हैंडल के जरिए फंड जुटाने की मुहिम भी चलाई गई थी। मरम्मत का काम पूरा होने और गुंबदों के पुननिर्माण के बाद अब इस परिसर में फिर से संदिग्ध गतिविधियां शुरू होने के संकेत मिल रहे हैं, जिससे इसके दोबारा पूरी तरह चालू होने की संभावना जताई जा रही है।

भारत की सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय

बहावलपुर में जैश के पुराने ठिकाने का पुनर्जीवित होना भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से बेहद संवेदनशील है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का मुख्य उद्देश्य पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में सक्रिय आतंकी इंफ्रास्ट्रक्चर को ध्वस्त करना था। ऐसे में आतंकी ठिकानों का दोबारा खड़ा होना यह गंभीर सवाल उठाता है कि पाकिस्तान में आतंकी ढांचों के खिलाफ वहां की सरकार और प्रशासन की कार्रवाई कितनी दिखावटी है।

 

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