
महाराष्ट्र के पुणे में हुए चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुणे ग्रामीण पुलिस ने शुक्रवार रात इस मामले में एक और आरोपी रितेश हांगे को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने शनिवार को उसे वडगांव मावल कोर्ट में पेश किया, जहां से अदालत ने आरोपी को 12 सितंबर तक पुलिस कस्टडी में भेजने का आदेश दिया है।
मुख्य आरोपी चेतन चौधरी का दोस्त है रितेश, साजिश में शामिल होने का शक
पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक (SP) संदीप सिंह गिल ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार किया गया आरोपी रितेश हांगे, केस के मुख्य आरोपी चेतन चौधरी का करीबी दोस्त है। पुलिस को जांच में ठोस सबूत और शक मिला है कि केतन की हत्या की पूरी प्लानिंग और साजिश को लेकर चेतन ने रितेश से विस्तार से चर्चा की थी। इसी संदिग्ध भूमिका और मदद के आधार पर पुलिस ने उसे भी इस हत्या का सह-आरोपी बनाया है।
लोहगढ़ किले पर मंगेतर ने प्रेमी के साथ मिलकर दी थी खौफनाक मौत
यह पूरी वारदात 18 जून की है, जब सिया अपने मंगेतर केतन अग्रवाल को पुणे स्थित प्रसिद्ध लोहगढ़ किले पर घुमाने ले गई थी। वहां केतन की खाई में गिरने से मौत हो गई थी। बाद में जांच में खुलासा हुआ कि सिया ने अपने बॉयफ्रेंड चेतन चौधरी के साथ मिलकर केतन की हत्या की साजिश रची थी। दोनों ने मिलकर केतन को खाई में धक्का दे दिया था। फिलहाल दोनों मुख्य आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और कड़ाई से पूछताछ जारी है।
हत्या से पहले कैफे में रची गई थी खौफनाक साजिश, प्लान-बी भी था तैयार
जांच में सामने आया है कि 18 जून की घटना से ठीक एक दिन पहले 17 जून को सिया और उसका प्रेमी चेतन एक कैफे में मिले थे। वहीं दोनों ने लोहगढ़ किले का वह प्वाइंट चुना, जहां से केतन को धक्का देकर गिराना था। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपियों ने ‘बैकअप प्लान’ भी तैयार कर रखा था। अगर केतन खाई में गिरने से बच जाता, तो 20 जून के बाद उसे एक सड़क हादसे (Accident) में मारने की साजिश रची गई थी। इससे पहले 31 मई को किले की एक खतरनाक जगह पर केतन को बैठे देखकर सिया के दिमाग में उसे मारने का विचार आया था। 14 जून को भी सिया ने सांप का बहाना बनाकर केतन को गिराने की कोशिश की थी, लेकिन वह बच गया था।
पूछताछ में सिया और चेतन एक-दूसरे को बता रहे मास्टरमाइंड
कोर्ट से 7 दिनों की पुलिस रिमांड मिलने के बाद पुलिस ने जब सिया और चेतन को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ की, तो दोनों ने एक-दूसरे पर दोष मढ़ना शुरू कर दिया। चेतन का दावा है कि वह केवल सिया के साथ भागना चाहता था और मर्डर का पूरा प्लान सिया का था। वहीं सिया का कहना है कि हत्या का आइडिया चेतन का था और पहली कोशिश नाकाम होने पर चेतन उसके सामने रोया भी था। हालांकि, जांच अधिकारियों का मानना है कि यह कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए आरोपियों की एक सोची-समझी रणनीति (Defense Strategy) हो सकती है।















