कोलकाता/तारकेश्वर: पश्चिम बंगाल की सियासत में आए ऐतिहासिक बदलाव के बाद अब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दिग्गज नेताओं की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सत्ता खिसकते ही जनता का गुस्सा अब सीधे नेताओं पर फूट रहा है। ताजा और बेहद हैरान करने वाला मामला हुगली जिले के ताराकेश्वर से सामने आया है, जहां टीएमसी के कद्दावर नेता और पूर्व नगर पालिका चेयरमैन स्वपन सामंत (Swapan Samanta) को स्थानीय जनता के भीषण आक्रोश का सामना करना पड़ा। उग्र भीड़ ने न सिर्फ नेताजी को सरेआम जूतों की माला पहनाई, बल्कि बीच सड़क पर उनसे कान पकड़कर उठक-बैठक भी कराई।
भ्रष्टाचार के आरोपों पर फूटा जनता का गुस्सा, बीच सड़क तमाशा
स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, तारकेश्वर के पद्मपुकुर इलाके में उस वक्त भारी हंगामा खड़ा हो गया जब गुस्साए लोगों ने पूर्व चेयरमैन स्वपन सामंत को घेर लिया। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि स्वपन सामंत ने अपने कार्यकाल के दौरान जमकर भ्रष्टाचार किया और जनता को प्रताड़ित किया। सत्ता बदलते ही लोगों का धैर्य जवाब दे गया। प्रदर्शनकारियों ने सामंत को जबरन जूतों की माला पहनाई और पूरे इलाके में उनकी परेड निकाली। इस दौरान आक्रोशित भीड़ ने उन पर टमाटर और अंडे भी फेंके। सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें नेताजी हाथ जोड़कर उठक-बैठक करते नजर आ रहे हैं।
चुनावी हार के बाद बदला समीकरण, बीजेपी की बड़ी जीत
दरअसल, इस जनआक्रोश की पटकथा हालिया विधानसभा चुनाव के नतीजों के साथ ही लिख दी गई थी। ताराकेश्वर विधानसभा सीट पर भाजपा (BJP) उम्मीदवार संतु पां ने टीएमसी प्रत्याशी को भारी मतों के अंतर से शिकस्त दी है। इस करारी हार ने साफ कर दिया था कि जमीनी स्तर पर तृणमूल के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर और गुस्सा कितना गहरा था। सरकार बदलते ही स्थानीय स्तर पर टीएमसी नेताओं का दबदबा खत्म हो गया और पीड़ित जनता हिसाब चुकता करने सड़कों पर उतर आई।
‘सिंघम’ को चुनौती देने वाले ‘पुष्पा’ की भी निकल चुकी है परेड
पश्चिम बंगाल में टीएमसी नेताओं के साथ जनता के इस तरह के बर्ताव का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले फाल्टा इलाके से टीएमसी के चर्चित नेता जहांगीर खान को भी इसी तरह की जिल्लत का सामना करना पड़ा था। गिरफ्तारी के बाद जहांगीर खान की फाल्टा में कई बार परेड कराई जा चुकी है, जहां उन्हें सरेआम कान पकड़कर और हाथ जोड़कर जनता से माफी मांगते देखा गया।
याद दिला दें कि चुनाव के दौरान जहांगीर खान और यूपी के चर्चित आईपीएस अधिकारी व चुनाव ऑब्जर्वर अजय पाल शर्मा के बीच तीखी जुबानी जंग हुई थी। उस वक्त जहांगीर खान का एक डायलॉग बेहद वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने कहा था, “यह बंगाल है, अगर वह (अजय पाल शर्मा) सिंघम हैं, तो मैं ‘पुष्पा’ हूं।” लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद इस ‘पुष्पा’ का गुरूर भी जनता ने बीच सड़क पर तोड़ दिया। फिलहाल इन घटनाओं के बाद से इलाके में राजनीतिक तनाव चरम पर है।














