
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के वैज्ञानिकों ने देश में स्वाइन फ्लू को लेकर फैल रही अफवाहों और आशंकाओं पर पूर्ण विराम लगा दिया है। ICMR ने स्पष्ट किया है कि भारत में H1N1 वायरस का कोई भी नया स्वरूप या खतरनाक वेरिएंट नहीं पाया गया है। वैज्ञानिकों के अनुसार, यह केवल एक सामान्य मौसमी वायरल (Seasonal Influenza) है, इसलिए आम जनता को डरने या घबराने की बिल्कुल भी आवश्यकता नहीं है।
देश में कौन सा वायरस है एक्टिव?
ICMR की रिपोर्ट के मुताबिक, वर्तमान में देश में H1N1 वायरस का जो स्ट्रेन सक्रिय है, उसे वैज्ञानिक भाषा में ‘क्लेड 6B.1A.5a2a’ और ‘सबक्लेड D.3.1.1’ कहा जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने राहत की बात यह बताई है कि यह वही स्ट्रेन है जो पिछले साल 2025 से देश में प्रचलन में है। इसके अतिरिक्त, बाजार और अस्पतालों में उपलब्ध मौजूदा इन्फ्लूएंजा वैक्सीन इस स्ट्रेन से बचाव करने में पूरी तरह से प्रभावी और कारगर साबित हो रही है।
H1N1 के मुख्य लक्षण और सही इलाज
चिकित्सकों के अनुसार, मौसमी इन्फ्लूएंजा या H1N1 एक ‘सेल्फ-लिमिटिंग’ बीमारी है, जो सही देखभाल मिलने पर खुद-ब-खुद ठीक हो जाती है।
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प्रमुख लक्षण: तेज बुखार आना, लगातार सूखी या बलगम वाली खांसी, सिरदर्द होना और पूरे शरीर में थकावट या मांसपेशियों में दर्द महसूस होना।
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इलाज व देखभाल: इस बीमारी से पीड़ित अधिकांश मरीज केवल पर्याप्त आराम (Bed Rest), पौष्टिक आहार, तरल पदार्थों के सेवन और सामान्य देखभाल से कुछ ही दिनों में पूरी तरह स्वस्थ हो जाते हैं।
इन्हें बरतनी होगी विशेष सावधानी
यद्यपि यह एक सामान्य मौसमी बीमारी है, लेकिन कमजोर इम्युनिटी (Immunity) वाले लोगों के लिए यह थोड़ा जोखिम भरी हो सकती है। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी गंभीर बीमारी (जैसे फेफड़ों की बीमारी, डायबिटीज या हृदय रोग) से पीड़ित व्यक्तियों को संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। यदि किसी मरीज में लक्षण लगातार बिगड़ते हैं या कई दिनों तक तेज बुखार बना रहता है, तो बिना लापरवाही के तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
अस्पतालों में पर्याप्त बेड और दवाएं उपलब्ध: जेपी नड्डा
देश में डेंगू, मलेरिया और इन्फ्लूएंजा जैसी मौसमी बीमारियों की स्थिति का जायजा लेने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की, जिसमें दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह भी मौजूद रहे। बैठक में अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि दिल्ली सहित देश के सभी राज्य किसी भी स्वास्थ्य स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। सरकारी व निजी अस्पतालों में बेड, विशेषज्ञ डॉक्टरों, आवश्यक दवाओं और मेडिकल उपकरणों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।














