भोपाल का ट्विशा शर्मा केस: अब CBI करेगी मौत के रहस्य का पर्दाफाश, इनामी पति समर्थ सिंह अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर

भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में एक बहुत बड़ा मोड़ आया है। राज्य सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इस पूरे केस की जांच अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंप दी है। ट्विशा के पिता काफी समय से इस मामले में सीबीआई जांच की गुहार लगा रहे थे, जबकि उनके भाई ने स्थानीय पुलिस पर रसूखदारों के दबाव में आकर मामले की लीपापोती करने के गंभीर आरोप लगाए थे। इस हाई-प्रोफाइल केस में मुख्य आरोपी और ट्विशा का पति समर्थ सिंह अभी भी फरार है, जबकि उसकी मां यानी रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को कोर्ट से जमानत मिल चुकी है।

गृह विभाग द्वारा जारी आधिकारिक नोटिफिकेशन के अनुसार, बीती 12 मई 2026 को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित घर में हुई ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले को पूरी तरह से सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया गया है। भोपाल की कटारा हिल्स पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80(2), 85, 3(5) और दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961 के तहत मुकदमा दर्ज किया था। अब राज्य सरकार ने दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम 1946 की धारा 6 के तहत सीबीआई को पूरे मध्य प्रदेश में इस मामले की कमान संभालने और जांच करने के अधिकार दे दिए हैं।

30 हजार का इनामी पति समर्थ सिंह अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा और हैरान करने वाला सवाल ट्विशा के पति समर्थ सिंह को लेकर उठ रहा है। घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी भोपाल पुलिस समर्थ को ढूंढने में पूरी तरह नाकाम रही है। पुलिस कमिश्नर के मुताबिक, समर्थ के खिलाफ 30 हजार रुपये का इनाम घोषित किया जा चुका है और उसके देश से भागने की आशंका को देखते हुए लुकआउट नोटिस भी जारी किया गया है। इसके साथ ही पुलिस उसके बैंक खातों और पासपोर्ट से जुड़ी जानकारियों को भी खंगाल रही है, लेकिन उसकी गिरफ्तारी न होना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।

रिटायर्ड जज सास की भूमिका पर उठे सवाल, सबूत मिटाने की आशंका

ट्विशा की सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह की भूमिका को लेकर भी मृतका का परिवार लगातार सवाल उठा रहा है। मायके पक्ष का आरोप है कि जिस कटारा हिल्स वाले घर में ट्विशा की मौत हुई, गिरिबाला सिंह आज भी उसी घर में रह रही हैं। परिवार का कहना है कि पुलिस ने रसूख के चलते उनसे अब तक कोई औपचारिक या सख्त पूछताछ नहीं की है, जिससे घर में मौजूद महत्वपूर्ण साक्ष्यों और सबूतों से छेड़छाड़ होने की पूरी आशंका है। हालांकि, स्थानीय पुलिस का दावा है कि उन्हें पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया जा चुका है।

फॉरेंसिक जांच में लापरवाही और कोर्ट के निर्देशों की अनदेखी

जांच प्रक्रिया में पुलिस की ढीली कार्रवाई को लेकर कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। परिवार का आरोप है कि जिस बेल्ट से कथित तौर पर ट्विशा द्वारा फांसी लगाने का दावा किया जा रहा है, उसे पुलिस ने घटना के दो दिन बाद तक फॉरेंसिक जांच के लिए नहीं भेजा। इसके अलावा, अदालत ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए ट्विशा के शव को -80 डिग्री तापमान वाली विशेष फ्रीजर सुविधा में सुरक्षित रखने के सख्त निर्देश दिए थे, लेकिन प्रशासन अब तक ऐसी किसी व्यवस्था को पूरा नहीं कर पाया है।

प्रभावशाली लोगों के दबाव में काम कर रही पुलिस: भाई आशीष शर्मा

ट्विशा के भाई आशीष शर्मा ने स्थानीय पुलिस की मंशा और जांच पर अविश्वास जताते हुए कहा कि पुलिस की कार्रवाई शुरू से ही असंतोषजनक रही है। आरोपी परिवार के प्रभावशाली और कानूनी पृष्ठभूमि से जुड़े होने के कारण पूरी जांच को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। आशीष ने कहा कि एक तरफ भोपाल पुलिस समर्थ सिंह को गिरफ्तार करने में नाकाम रही, वहीं दूसरी तरफ फरार आरोपी समर्थ बेहद आसानी से हाई कोर्ट में अपनी अग्रिम जमानत याचिका दाखिल करने पहुंच गया। अब परिवार को उम्मीद है कि सीबीआई इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर ट्विशा को न्याय दिलाएगी।

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