भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के सबसे वीआईपी और हाई-प्रोफाइल इलाके चार इमली में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक वरिष्ठ आईपीएस (IPS) अधिकारी की नाबालिग बेटी ने अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस दिलदहला देने वाली घटना के बाद से प्रशासनिक महकमे और इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है। मृतका की उम्र महज 17 वर्ष थी और वह हाल ही में 11वीं कक्षा पास कर इस साल 12वीं में पहुंची थी।
सरकारी आवास के कमरे में उठाया आत्मघाती कदम
मिली जानकारी के मुताबिक, छात्रा अपने परिवार के साथ चार इमली स्थित सुरक्षित सरकारी बंगले में रहती थी। बताया जा रहा है कि घटना के वक्त परिवार के अन्य सदस्य भी घर के भीतर ही मौजूद थे। इसी बीच छात्रा अपने कमरे में गई और अज्ञात कारणों के चलते फंदे से लटक गई। जब काफी देर तक कमरे से कोई हलचल नहीं हुई, तो परिजनों ने जाकर देखा। नजारा देखते ही घर में कोहराम मच गया। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस के आला अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और बारीकी से मुआयना किया।
मौके से नहीं मिला सुसाइड नोट, सस्पेंस बरकरार
मामले की जांच कर रही हबीबगंज थाना पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। हबीबगंज थाना प्रभारी संजीव चौकसे ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि घटनास्थल से फिलहाल कोई भी सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। सुसाइड नोट न मिलने की वजह से आत्महत्या के असली कारणों को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। पुलिस हर छोटे-बड़े पहलू को ध्यान में रखकर बेहद संजीदगी से मामले की तफ्तीश कर रही है।
कॉल डिटेल और मोबाइल खंगाल रही हबीबगंज पुलिस
छात्रा ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया, इस गुत्थी को सुलझाने के लिए पुलिस ने मृतका का मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस मोबाइल की कॉल डिटेल, चैट्स और सोशल मीडिया अकाउंट्स को खंगाल रही है। इसके साथ ही मृतका के दोस्तों, क्लासमेट्स और करीबियों से भी पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या छात्रा पिछले कुछ दिनों से किसी तरह के मानसिक तनाव, पढ़ाई के प्रेशर या किसी अन्य गंभीर परेशानी से तो नहीं गुजर रही थी।












