
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर जारी गहमागहमी के बीच बहुजन समाज पार्टी (BSP) में बड़ा सांगठनिक फेरबदल देखने को मिला है। पार्टी प्रमुख मायावती ने अपने बड़े भतीजे आकाश आनंद को सभी मुख्य सांगठनिक पदों से मुक्त करने के बाद अब उनके छोटे भाई ईशान आनंद (ईशू) को पार्टी में एक बड़ी और अहम जिम्मेदारी सौंपी है। दूसरी ओर, संगठन में हाशिये पर धकेले जाने के संकेतों के बीच आकाश आनंद ने सोशल मीडिया पर अपना प्रोफाइल बायो एक बार फिर बदल दिया है।
अब बायो में लिखा ‘BSP समर्थक’
पार्टी के नए संगठनात्मक बदलावों में आकाश आनंद को किसी भी मुख्य पद या जिम्मेदारी में शामिल नहीं किया गया है। मायावती द्वारा उन्हें ‘अपरिपक्व’ बताते हुए बड़ी जिम्मेदारियों से दूर किए जाने के बाद आकाश ने हाल ही में अपने एक्स (ट्विटर) बायो से ‘नेशनल कोऑर्डिनेटर’ हटाकर खुद को ‘BSP कार्यकर्ता’ लिखा था। हालांकि, अब उन्होंने इसमें एक और बदलाव करते हुए खुद को केवल ‘BSP समर्थक’ बताया है। सोशल मीडिया बायो में लगातार हो रहे इन बदलावों को संगठन में उनके गिरते सियासी कद से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, आकाश आनंद ने पार्टी से औपचारिक इस्तीफे की कोई घोषणा नहीं की है।
15 राज्यों के मुख्य सेक्टर प्रभारी बने ईशान आनंद
आकाश आनंद के डिमोशन के ठीक विपरीत, उनके छोटे भाई ईशान आनंद का पार्टी संगठन में तेजी से कद बढ़ रहा है। मायावती ने ईशान आनंद को मुख्य सेक्टर प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी है। इसके तहत उन्हें लगभग 15 राज्यों में पार्टी की संगठनात्मक गतिविधियों और कामकाज की समीक्षा करने का जिम्मा दिया गया है। ईशान इन सभी राज्यों के फीडबैक और ग्राउंड रिपोर्ट सीधे अपने पिता व BSP के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आनंद कुमार को सौंपेंगे।
कौन हैं ईशान आनंद?
ईशान आनंद BSP के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आनंद कुमार के छोटे बेटे और मायावती के भतीजे हैं। लंदन की मशहूर ‘यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टमिंस्टर’ से कानून की पढ़ाई (LL.B) पूरी कर चुके ईशान अब तक अपने पारिवारिक बिजनेस में हाथ बंटा रहे थे। बीएसपी की बैठकों और कार्यक्रमों में उनकी बढ़ती सक्रियता को देखते हुए यह माना जा रहा है कि मायावती 2027 के चुनाव से पहले कैडर और युवा वोटों को साधने के लिए ईशान के रूप में नया सियासी विकल्प तैयार कर रही हैं।













