
डिजिटल दौर में इंटरनेट और सोशल मीडिया पर परोसे जा रहे कंटेंट का मासूमों के दिमाग पर किस कदर गंभीर असर हो रहा है, इसकी एक चौंकाने वाली बानगी मेरठ में देखने को मिली। हस्तिनापुर के बी-ब्लॉक कॉलोनी से रविवार दोपहर अचानक 11 और 7 साल के दो सगे बच्चे संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए। परिजनों द्वारा काफी तलाश के बाद जब उनका कोई सुराग नहीं लगा, तो पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। करीब दो घंटे के व्यापक तलाशी अभियान के बाद जब दोनों बच्चे सुरक्षित मिले, तो गायब होने की जो वजह सामने आई उसने परिजनों समेत पुलिस विभाग के भी होश उड़ा दिए।
YouTube वीडियो देखकर आया 24 घंटे छिपने का आइडिया
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि दोनों बच्चे यूट्यूब पर गेमिंग कंटेंट देखने के आदी थे। हाल ही में उन्होंने यूट्यूब पर ‘सीक्रेट हाउस गेम’ से जुड़ा एक वीडियो देखा था। इस वीडियो में कुछ नियमों का पालन करते हुए एक गुप्त ठिकाना बनाकर 24 घंटे तक छिपने का चैलेंज दिया गया था। मासूम बच्चों ने इस आभासी (वर्चुअल) खेल को असल जिंदगी में आजमाने का खतरनाक फैसला कर लिया। वे परिजनों को बिना कुछ बताए चुपचाप घर से निकल गए ताकि 24 घंटे का यह सीक्रेट चैलेंज पूरा कर सकें।
फार्महाउस के पास झाड़ियों में बनाया था अपना गुप्त ठिकाना
चैलेंज को पूरा करने के लिए बच्चों ने एक सुनसान जगह की तलाश की और इलाके में स्थित एक फार्महाउस के पास अपना गुप्त ठिकाना बना लिया। बच्चे वहीं छिपकर पूरे 24 घंटे बिताने की योजना बना चुके थे, जबकि दूसरी तरफ उनके गायब होने से पूरे परिवार में चीख-पुकार मची हुई थी। परिजन रिश्तेदारों के चक्कर काट रहे थे और किसी अनहोनी की आशंका से बदहवास थे।
मिशन शक्ति और पुलिस टीम ने 2 घंटे में बच्चों को सुरक्षित ढूंढा
सूचना मिलते ही मवाना क्षेत्र की पुलिस और ‘मिशन शक्ति’ की टीम तुरंत एक्शन में आई। संभावित इलाकों में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। पुलिस की मुस्तैदी से करीब दो घंटे के भीतर ही दोनों बच्चों को फार्महाउस के पास से सकुशल बरामद कर लिया गया। सर्किल ऑफिसर (मवाना) पंकज लवानिया ने बताया कि पूछताछ में बच्चों ने गेमिंग वीडियो से प्रभावित होकर चैलेंज पूरा करने की बात स्वीकार की है। फिलहाल बच्चों को समझा-बुझाकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।
अभिभावकों के लिए बड़ी चेतावनी: बच्चों की डिजिटल गतिविधि पर रखें नजर
हस्तिनापुर की इस घटना ने बच्चों द्वारा ऑनलाइन कंटेंट की नकल करने के बढ़ते खतरे को लेकर एक बड़ा अलर्ट जारी किया है। साइबर विशेषज्ञों और पुलिस प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों के मोबाइल इस्तेमाल पर कड़ी निगरानी रखें। बच्चे इंटरनेट पर क्या देख रहे हैं और उसका उनके व्यवहार पर क्या असर पड़ रहा है, इस पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। साथ ही बच्चों को यह समझाना भी आवश्यक है कि ऑनलाइन दिखाये जाने वाले हर स्टंट या चैलेंज को असली जिंदगी में दोहराना जानलेवा हो सकता है।










