उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य के परिषदीय और एडेड स्कूलों में पीएम पोषण योजना के तहत कार्यरत 3.53 लाख रसोइयों को एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक तोहफा दिया है। राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रसोइयों को कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरित किए। इस कार्यक्रम में प्रदेशभर से करीब 1,500 रसोइयों ने प्रत्यक्ष रूप से हिस्सा लिया, जबकि जिला व तहसील स्तर पर भी जनप्रतिनिधियों के माध्यम से सम्मान समारोह आयोजित किए गए।
रसोइयों के लिए चार बड़ी कल्याणकारी घोषणाएं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षाबंधन के पावन पर्व से पहले रसोइयों के जीवन को सुरक्षित और बेहतर बनाने के लिए चार प्रमुख योजनाओं का ऐलान किया है:
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मानदेय में वृद्धि: रसोइयों का मासिक मानदेय बढ़ाकर अब 2,000 रुपये से 3,000 रुपये कर दिया गया है।
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कैशलेस इलाज की सुविधा: अब रसोइयों और उनके परिवार को किसी भी सूचीबद्ध (इंपैनल्ड) अस्पताल में हर साल 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलेगा।
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दुर्घटना बीमा: स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) में खाते के जरिए रसोइयों के लिए 2 लाख रुपये के दुर्घटना बीमा की व्यवस्था की गई है।
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ड्रेस (साड़ी) भत्ता दोगुना: साड़ी और ड्रेस खरीदने के लिए मिलने वाली राशि को 500 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये कर दिया गया है।
सीएम योगी और डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के तीखे तेवर
समारोह के दौरान डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने अपने अनूठे और देशी अंदाज में रसोइयों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि आज तक किसी ने इन माताओं और बहनों की सुधि नहीं ली थी, लेकिन डबल इंजन की सरकार ने इनकी हर जरूरत का ध्यान रखा है। साथ ही, उन्होंने राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधते हुए 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर भी जनता और रसोइयों को सचेत किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में समाजवादी पार्टी के मुखिया पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि पहले की सरकारों में उत्तर प्रदेश को गुंडा प्रदेश बना दिया गया था, लेकिन आज अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। सीएम ने कहा कि आज स्कूलों की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है, जहां बच्चों को पौष्टिक भोजन, जूते-मोजे, स्वेटर और दो-दो ड्रेस मिल रही हैं।
बच्चों की सुरक्षा और साफ-सफाई पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने रसोइयों को संबोधित करते हुए उन्हें अपने काम के प्रति पूरी तरह सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आप सभी स्कूलों में बच्चों के लिए भोजन बनाकर देश के भविष्य को स्वस्थ बना रही हैं। इसलिए यह आपकी नैतिक जिम्मेदारी है कि रसोई पूरी तरह साफ-सुथरी रहे और मेनू के अनुसार ही बच्चों को पौष्टिक आहार मिले।
सीएम ने आम आदमी पार्टी (AAP) और अन्य विपक्षी दलों द्वारा स्कूलों को लेकर फैलाए जा रहे वीडियो और भ्रम पर भी कड़ा तंज कसा। उन्होंने रसोइयों को आगाह किया कि वे अपने काम में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें और खाने की गुणवत्ता व स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें, ताकि किसी भी विरोधी को सवाल उठाने का मौका न मिले। इस दौरान उन्होंने अटल आवासीय विद्यालय, कस्तूरबा गांधी विद्यालयों के विस्तार और कोरोना काल में अनाथ हुए बच्चों के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं का भी जिक्र किया।














