त्योहारों का सीजन शुरू होते ही बाजार में मिलावटखोरों का काला कारोबार भी पूरी रफ्तार से सक्रिय हो जाता है. रक्षाबंधन के पावन पर्व से ठीक पहले गाजियाबाद में खाद्य सुरक्षा विभाग की एक बड़ी और ताबड़तोड़ छापेमारी ने मिलावट की ऐसी खौफनाक तस्वीर सामने रखी है, जिसे देखकर किसी के भी होश उड़ जाएं. विजयनगर के बिहारीपुरा इलाके में बेहद अस्वास्थ्यकर और गंदे माहौल के बीच मक्खियों व कीड़ों से सने हुए करीब 10 कुंतल तैयार रसगुल्ले बरामद किए गए हैं, जिसके बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है.
पनीर में स्टार्च और रसगुल्लों में केमिकल का खेल
खाद्य सुरक्षा विभाग के सहायक आयुक्त सुरेश कुमार मिश्रा से मिली जानकारी के मुताबिक, इस पूरी कार्रवाई के दौरान शुरुआती जांच में बेहद चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. यहां पनीर को अच्छी तरह मैश करने के बाद उसमें घटिया क्वालिटी का स्टार्च मिलाकर छेना तैयार किया जा रहा था. इसके अलावा, इन रसगुल्लों को लंबे समय तक खराब होने से बचाने और इन्हें अत्यधिक सफेद दिखाने के लिए फॉर्मेल्डिहाइड सल्फोक्सिलेट जैसे खतरनाक केमिकल के इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है. विभाग की टीम ने मौके से सभी संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया है. रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत संबंधित दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.
10 कुंतल रसगुल्ले नष्ट, लाइसेंस निरस्त करने की तैयारी
कार्रवाई के दौरान मौके पर पाई गई बेहद अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों और रसायनों के कथित इस्तेमाल को देखते हुए विभाग ने तुरंत कड़ा कदम उठाया. अधिकारियों ने मौके पर मौजूद करीब 10 कुंतल तैयार खतरनाक रसगुल्लों को पूरी तरह से नष्ट करवा दिया. इसके साथ ही, इस अवैध मिठाई कारखाने का संचालन करने वाले व्यक्ति का खाद्य लाइसेंस निलंबित करने की प्रक्रिया भी आधिकारिक तौर पर शुरू कर दी गई है. खाद्य विभाग का यह स्पष्ट कहना है कि रक्षाबंधन के मद्देनजर दूध, पनीर, मावा और उनसे बनने वाली तमाम मिठाइयों की गुणवत्ता जांचने के लिए सघन अभियान चलाया जा रहा है. नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी प्रतिष्ठान को बख्शा नहीं जाएगा.
मोदीनगर में भी दुकानों पर ताबड़तोड़ सैंपलिंग
गाजियाबाद के विजयनगर के अलावा मोदीनगर क्षेत्र में भी खाद्य विभाग की टीमों ने शिकंजा कसा है. त्योहार के मद्देनजर मोदीनगर बस अड्डे के पास स्थित प्रसिद्ध बालाजी स्वीट्स पर औचक निरीक्षण किया गया. खाद्य सुरक्षा अधिकारी पीके वर्मा की अगुवाई में टीम ने इस दुकान से खोया, मिल्क केक और सफेद रसगुल्ले के नमूने संग्रह किए हैं, जिन्हें लैब में परीक्षण के लिए भेजा जा रहा है. अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की लगातार चल रही कार्रवाई से त्योहारों के दौरान बाजार में खपने वाली बड़ी मात्रा में संदिग्ध और जहरीली मिठाइयों को समय रहते रोक पाने में सफलता मिली है.











