
अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर प्रशासन और प्रबंधन को विश्वस्तरीय रूप देने के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। ट्रस्ट की अहम बैठक में भारतीय वायुसेना के पूर्व शीर्ष अधिकारी रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर ट्रस्ट का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त करने का ऐलान किया गया है। देश की सुरक्षा में 39 वर्षों की गौरवशाली सेवा देने के बाद जितेंद्र मिश्रा 30 अप्रैल 2026 को ही सेवानिवृत्त हुए हैं। उनके पास उच्च स्तरीय प्रशासनिक दक्षता, रणनीतिक कौशल और बड़े अभियानों के प्रबंधन का लंबा अनुभव है।
टाइगर हिल और ऑपरेशन सफेद सागर में निभाई थी निर्णायक भूमिका जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना की पश्चिमी कमान के प्रमुख (AOC-in-C, Western Air Command) रह चुके हैं। उनके नाम 3,000 घंटे से अधिक की सफल उड़ान का शानदार रिकॉर्ड दर्ज है। देश के प्रमुख सैन्य अभियानों में उनका योगदान अविस्मरणीय रहा है। कारगिल युद्ध के दौरान टाइगर हिल पर जीत और भारतीय वायुसेना के ऐतिहासिक ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ में उन्होंने बेहद अहम रणनीतिक भूमिका निभाई थी। इसके अलावा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भी उनके अदम्य साहस और नेतृत्व कौशल ने भारतीय रक्षा प्रणाली को मजबूती प्रदान की थी।
18 से अधिक फाइटर और हेलिकॉप्टर उड़ाने का विशेषज्ञ अनुभव जितेंद्र मिश्रा की फ्लाइंग और ऑपरेशनल दक्षता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वायुसेना में सेवा के दौरान वे 18 से अधिक किस्म के लड़ाकू विमान, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलिकॉप्टर उड़ा चुके हैं। वे फाइटर स्क्वाड्रन (MiG-21) के कमांडिंग ऑफिसर के रूप में फ्रंटलाइन नेतृत्व संभाल चुके हैं। इसके अतिरिक्त हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL, नासिक) और एयरक्राफ्ट एंड सिस्टम्स टेस्टिंग एस्टेब्लिशमेंट (ASTE) में चीफ टेस्ट पायलट जैसे तकनीकी व रणनीतिक पदों पर भी उन्होंने अपनी सेवाएं दी हैं।
शीर्ष सैन्य पदों पर रहा लंबा प्रशासनिक रिकॉर्ड वायुसेना के नीतिगत फैसलों और ऑपरेशन्स को दिशा देने में भी उनका बड़ा हाथ रहा है। वे एयर ऑफिसर कमांडिंग (15 विंग बरेली एवं 18 विंग पठानकोट), डायरेक्टर (ऑपरेशनल प्लानिंग एंड असेसमेंट ग्रुप), प्रिंसिपल डायरेक्टर (एयर स्टाफ रिक्वायरमेंट्स) और असिस्टेंट चीफ ऑफ एयर स्टाफ (प्रोजेक्ट्स) जैसे अहम पदों पर तैनात रहे। इसके साथ ही उन्होंने इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ में डिप्टी चीफ (डॉक्ट्रिन, ऑर्गनाइजेशन और ट्रेनिंग) तथा डिप्टी चीफ (ऑपरेशन्स) की जिम्मेदारियों का भी कुशलता से निर्वहन किया। 1 जनवरी 2025 से 30 अप्रैल 2026 तक वे वेस्टर्न एयर कमांड के प्रमुख रहे।
सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल समेत कई सैन्य सम्मानों से नवाजे जा चुके हैं ऑपरेशन सिंदूर में असाधारण योगदान के लिए उन्हें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश के प्रतिष्ठित ‘सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल’ से सम्मानित किया जा चुका है। उत्कृष्ट और विशिष्ट सेवाओं के लिए उन्हें वर्ष 2024 में ‘अति विशिष्ट सेवा मेडल’ (AVSM) और वर्ष 2013 में ‘विशिष्ट सेवा मेडल’ (VSM) से भी अलंकृत किया गया था।
वैश्विक संस्थानों से ली है उच्च सैन्य शिक्षा और ट्रेनिंग जितेंद्र मिश्रा का शैक्षणिक और सामरिक प्रशिक्षण विश्व के सर्वश्रेष्ठ सैन्य संस्थानों में हुआ है। उन्होंने नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA, खड़कवासला) और एयर फोर्स एकेडमी (डुंडीगल) से बुनियादी सैन्य शिक्षा पूरी की। इसके बाद उन्होंने एयर फोर्स टेस्ट पायलट्स स्कूल (बेंगलुरु), अमेरिका के मोंटगोमरी (अलबामा) स्थित प्रतिष्ठित एयर कमांड एंड स्टाफ कॉलेज और यूनाइटेड किंगडम के रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज से उच्च रणनीतिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। अब उनकी इसी प्रशासनिक दूरदर्शिता और नेतृत्व का लाभ राम मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधन को मिलेगा।














