रायपुर में IGAU का बीएससी कृषि का पर्चा लीक: परीक्षा निरस्त, तेलीबांधा थाने में FIR दर्ज और 5 सदस्यीय समिति गठित

छत्तीसगढ़ की इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGAU), रायपुर में बीएससी (कृषि) द्वितीय वर्ष का प्रश्नपत्र लीक होने से प्रशासनिक गलियारों और उच्च शिक्षा जगत में हड़कंप मच गया है। 20 अगस्त को आयोजित एंटोमोलॉजी विषय ‘फसलों और स्टोर किए गए अनाज में पेस्ट मैनेजमेंट-I’ (AENT 221) का पर्चा परीक्षा शुरू होने से पहले ही व्हाट्सएप ग्रुपों में वायरल हो गया। जब विश्वविद्यालय प्रशासन ने सामग्री का मिलान किया, तो व्हाट्सएप पर घूम रहे सवाल असली प्रश्नपत्र से 70 प्रतिशत तक मैच खाते पाए गए। गड़बड़ी की पुष्टि होने पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने तुरंत परीक्षा निरस्त करने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया। राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस पूरी घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

34 कॉलेजों के 500 छात्र प्रभावित, दोपहर में छात्रों का उग्र प्रदर्शन

यह परीक्षा 20 अगस्त को सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे के सत्र में आयोजित की गई थी, जिसमें राज्य भर के 34 संबद्ध कॉलेजों के लगभग 500 विद्यार्थी शामिल हुए थे। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. कपिल देव दीपक के अनुसार, परीक्षा केंद्रों पर सुबह 9:30 बजे सीलबंद पैकेट खोले गए थे। परीक्षा छूटते ही जैसे ही लीक की खबर फैली, नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने कैंपस में धावा बोलकर उग्र प्रदर्शन किया। चौतरफा दबाव के बाद शाम को परीक्षा नियंत्रक ने आधिकारिक तौर पर परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया।

तेलीबांधा थाने में एफआईआर और जांच समिति का गठन

मामले की गहराई से तफ्तीश के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने 5 सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। लीक की कड़ियों को जोड़ने और यह पता लगाने के लिए कि यह धांधली किसी अंदरूनी स्टाफ की मिलीभगत है या बाहरी तत्वों का हाथ, तेलीबांधा पुलिस स्टेशन में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कराई जा रही है।

सितंबर 2026 के पहले सप्ताह में दोबारा होगी परीक्षा

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के आश्वासन के बाद प्रशासन ने निष्पक्षता बनाए रखने के लिए री-एग्जाम का फैसला किया है। परीक्षा नियंत्रक द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, रद्द की गई AENT 221 विषय की परीक्षा अब सितंबर 2026 के पहले सप्ताह में नए सिरे से आयोजित की जाएगी। इस प्रशासनिक फैसले से दूर-दराज के क्षेत्रों से आए सैकड़ों विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा है, लेकिन परीक्षा की पारदर्शिता के लिए इसे अनिवार्य माना जा रहा है।

 

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