
नई दिल्ली (ईएमएस)। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लोगों को भरपूर पानी उपलब्ध कराना दिल्ली सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन गए है। दिल्ली सरकार में मंत्री सौरभ भारद्वाज के मुताबिक डिमांड और आपूर्ति के बीच का गैप लगातार बढ़ता जा रहा है। यह स्थिति बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को अनुमति नहीं मिलने की वजह से है। यह सारे प्रोजेक्ट डीडीए में फंसे हैं। चूंकि दिल्ली के एलजी डीडीए के चेयरमैन भी हैं, इसलिए उन्होंने एलजी को पत्र लिखकर इन प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द क्लीयरेंस देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में होने वाली जलापूर्ति का बड़ा हिस्सा हरियाणा के जरिए यमुना से और यूपी के जरिए गंगा नदी से आता है। उन्होंने इन दोनों ही राज्यों की सरकारों से पानी की मात्रा बढ़ाने के लिए पत्राचार किया था।
लेकिन वहां से भी कोई रिस्पांस नहीं आया। उन्होंने केंद्र से भी इस मामले में हस्तक्षेप को कहा था, लेकिन केंद्र भी कोई सहयोग नहीं कर रहा। ऐसे में दिल्ली सरकार दिल्ली वासियों की प्यास बुझाने के लिए अथक प्रयास करने के बावजूद भी हर कंठ तक पर्याप्त पानी उपलब्ध करा पाने में विफल हो रही है। उन्होंने डीडीए चेयरमैन व दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना को लिखे पत्र में कहा कि इस समय डीडीए के पास कई सारे रॉ वाटर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट लंबित हैं। इन्हें क्लीयरेंस मिलना बाकी है। यदि इन प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द क्लीयरेंस मिल जाता है तो दिल्ली सरकार दिल्ली वासियों के लिए पर्याप्त पानी की उपलब्धता सुनिश्चित कर सकेगी। उन्होंने अपने पत्र में उत्तर प्रदेश और हरियाणा की सरकार के साथ किए गए पत्राचार का भी ब्यौरा दिया है।
कहा कि इन दोनों ही सरकारों की ओर से कोई रिस्पांस नहीं मिल रहा। जबकि दिल्ली सरकार ने उत्तर प्रदेश सरकार को भरोसा भी दिया था कि बागवानी के लिए दिल्ली उत्तर प्रदेश को पर्याप्त मात्रा में ट्रीटेड वाटर की सप्लाई करने को तैयार है।














