सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: उपद्रवियों पर ‘विशेष हालात’ में पैलेट गन का इस्तेमाल जायज, केंद्र को RAF गोला-बारूद का रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के निर्देश

देश भर में नीट पेपर लीक मामले को लेकर छिड़े सियासी संग्राम और विरोध-प्रदर्शनों के बीच सुप्रीम कोर्ट ने पैलेट गन के इस्तेमाल पर बेहद अहम फैसला सुनाया है। कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति और उग्र प्रदर्शनों से निपटने के लिए पैलेट गन पर पूरी तरह से बैन लगाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि विशेष और असाधारण परिस्थितियों में पुलिस बल को पैलेट गन इस्तेमाल करने का कानूनी अधिकार है।

अदालत ने इसके साथ ही जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के खिलाफ छात्रों के प्रदर्शन के दौरान तैनात रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के गोला-बारूद का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का सख्त निर्देश केंद्र सरकार को दिया है।

BPRD की गाइडलाइन का हवाला, बैन की मांग पर कोर्ट के सवाल

सर्वोच्च अदालत में पूर्व केंद्रीय सूचना आयुक्त व पूर्व IPS अधिकारी यशोवर्धन आजाद और दो पीड़ितों की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई हो रही थी। इस याचिका में मेटल पैलेट गन के इस्तेमाल पर देशभर में पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग उठाई गई थी। सुनवाई के दौरान पीठ ने याचिकाकर्ताओं की इस मांग पर सीधे सवाल उठाए और पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो (BPRD) की आधिकारिक एडवाइजरी का हवाला दिया। कोर्ट ने कहा कि जब स्थितियां बेकाबू हो जाएं और असाधारण हालात पैदा हों, तो पुलिस को भीड़ और उपद्रवियों को नियंत्रित करने के लिए ऐसे कदम उठाने का अधिकार होता है। इसके साथ ही अदालत ने 20 जुलाई को सीजेपी विरोध-प्रदर्शन के दौरान हुई पैलेट गन की घटना की जांच कराने पर भी सहमति जताई।

जंतर-मंतर पर क्या हुआ था? दिल्ली पुलिस का रिकॉर्ड आया सामने

पूरा मामला नीट पेपर लीक मामले के बाद 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर आयोजित ‘संसद चलो’ मार्च से जुड़ा है। आधिकारिक रिकॉर्ड और पुलिस डायरी के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) ने दो प्लास्टिक पैलेट सहित कई राउंड गैर-घातक गोला-बारूद का इस्तेमाल किया था। पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन की जनरल डायरी (GD) में 22 जुलाई को दर्ज एंट्री के अनुसार, RAF के डिप्टी कमांडेंट ने इस कार्रवाई की जानकारी दर्ज कराई थी। उस समय नीली वर्दी वाले RAF जवान दिल्ली पुलिस के DCP रैंक के अधिकारी के साथ जंतर-मंतर के जोन-1 में तैनात थे।

मामले में गरमाई सियासत, राहुल गांधी और भाजपा आमने-सामने

प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन के इस्तेमाल की खबर सामने आते ही देश की राजनीति भी पूरी तरह गरमा गई है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार, गृह मंत्री अमित शाह और दिल्ली पुलिस पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी का आरोप है कि गृह मंत्रालय के सीधे निर्देश पर दिल्ली पुलिस ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों और लोगों पर पैलेट गन का प्रयोग किया। दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए दावा किया है कि पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान किसी भी तरह की पैलेट गन का इस्तेमाल नहीं किया है। कोर्ट के इस फैसले और रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के आदेश के बाद अब इस मामले की निष्पक्ष जांच का रास्ता साफ हो गया है।

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