
दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट पर थाईलैंड पुलिस की हिरासत से चकमा देकर फरार हुआ ब्रिटिश नागरिक जार्डन ब्राउन एक बार फिर जांच एजेंसियों के निशाने पर है. करीब नौ महीने तक भारत के अलग-अलग शहरों में छिपने के बाद भारत-नेपाल के सोनौली बॉर्डर पर पकड़े गए जार्डन के मोबाइल फोन से फॉरेंसिक टीम ने 113 बाल यौन शोषण से जुड़े बेहद आपत्तिजनक (चाइल्ड पोर्नोग्राफी) वीडियो रिकवर किए हैं. गिरफ्तारी के समय आरोपी ने साक्ष्य मिटाने के लिए अपने दोनों मोबाइल फोन तोड़ दिए थे, लेकिन फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने टीसीएल (TCL) कंपनी के फोन का करीब 80 प्रतिशत डेटा सफलता पूर्वक रिकवर कर लिया है.
कैमरा फोल्डर में मिले वीडियो, खुद बनाने की आशंका गहराने से बढ़ी जांच की आंच फॉरेंसिक रिपोर्ट के अनुसार, ये सभी आपत्तिजनक वीडियो जार्डन के मोबाइल के इन-बिल्ट कैमरा फोल्डर में पाए गए हैं. इससे जांच एजेंसियों को अंदेशा है कि 3 से 5 मिनट की अवधि वाले ये सभी वीडियो जार्डन ने खुद अपने मोबाइल कैमरे से ही बनाए थे. अब फॉरेंसिक टीम वीडियो फाइलों के मेटा-डेटा और डिवाइस रिकॉर्ड्स का विश्लेषण कर यह पता लगा रही है कि ये वीडियो कब और कहां शूट किए गए थे. इसके अलावा मोबाइल से कई संदिग्ध ऑनलाइन लिंक और सॉफ्टवेयर की जानकारी भी मिली है, जिसके आधार पर यह जांच की जा रही है कि क्या इन वीडियो को किसी डार्क वेब, ऑनलाइन नेटवर्क या वेबसाइट के जरिए बेचा या साझा किया गया था.
9 महीने तक फरारी काटने के खर्च और फंडिंग पर उठे सवाल सोनौली बॉर्डर पर गिरफ्तारी के समय जार्डन के पास से 31,460 रुपये की नकदी और एक एयरटेल का सिम कार्ड बरामद किया गया था. जांच एजेंसियों के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि 29 अक्टूबर 2025 को दिल्ली एयरपोर्ट से भागने के बाद जून 2026 तक भारत के विभिन्न शहरों में फरारी काटने के दौरान जार्डन के रहने-खाने और यात्रा का आर्थिक इंतजाम कैसे होता रहा. अभियोजन पक्ष (वादी) का आरोप है कि जार्डन बच्चों के आपत्तिजनक वीडियो बनाकर और उन्हें अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क पर बेचकर ही अवैध कमाई कर रहा था.
28 सितंबर को होगी अगली सुनवाई, फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद 29 अक्टूबर 2025 को फरार होने के बाद दिल्ली पुलिस, इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और सीआईएसएफ (CISF) समेत कई सुरक्षा एजेंसियां जार्डन की तलाश में जुटी थीं. जून 2026 में नेपाल भागने की कोशिश के दौरान सोनौली पुलिस ने उसे धर दबोचा. सोनौली पुलिस द्वारा चार्जशीट दाखिल किए जाने के बाद मामले की सुनवाई चल रही है. दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट के आदेश के बाद आरोपी जार्डन को फिलहाल तिहाड़ जेल भेज दिया गया है. लीगल डिफेंस काउंसिल के अनुसार, चाइल्ड वीडियोग्राफी से जुड़े गंभीर आरोपों पर अभी बहस होनी बाकी है, जिसकी अगली अदालती सुनवाई 28 सितंबर को तय की गई है.










