
दक्षिण चीन सागर में चीन अपनी दादागिरी से दूसरे देशों के जोन में घुसपैठ करता आ रहा है. चीन कमजोर देशों कब्जा करने की नीति पर चलता है लेकिन भारत ने जबसे उसे लद्दाख में पीटा है तबसे उसकी हवा निकली हुई है और जिन देशों को परेशान कर रहा था अब बे भी बेखौफ होकर चीन को मुंहतोड़ जवाब दे रहे हैं. बता दें कि साल 2016 से 2019 के बीच चीन ने मलेशिया के स्पेशल इकॉनॉमिक जोन में 89 बार घुसपैठ की है. लेकिन अब मलेशिया ने सख्त कदम उठाए हैं.
दरअसल, दक्षिणी चीन सागर खनिजों के लिहाज से समृद्ध इलाका है, इसके इलावा इस रूट से दुनिया के व्यापार का बड़ा हिस्सा गुजरता है. यही वजह है कि चीन हर हाल में यहां से पीछे नहीं हट रहा है और यही वजह है कि पड़ोसी देशों के साथ ही उसकी अमेरिका से भी तनातनी है.
मलेशियाई मैरी टाइम इन्फोर्समेंट एजेंसी ने कहा कि चीनी जहाजों और मछुआरों को जोहोर राज्य के पास समंदर में पकड़ा गया. एमएमईए के रीजनल डायरेक्टर मो. जुल्फदली नयन ने बताया कि ये सभी जहाज चीन के किन्हुआंगडाओ में रजिस्टर्ड हैं. गिरफ्तार किए गए लोगों में छह जहाजों के कप्तान और 54 मछुआरे हैं. एजेंसी ने कहा कि शायद ये जहाज मॉरिटानिया जा रहे थे, लेकिन किसी गड़बड़ी की वजह से रुक गए थे.
इस साल की शुरूआत में एक चीनी खोजी जहाज मलेशिया के एक्सक्लूसिव इकॉनॉमिक जोन में एक महीने तक रहा था. जिसकी मलेशियाई तेल खोजी जहाज के साथ विवादित इलाके में तनातनी हुई थी. दरअसल चीन जानबूझ कर इस तरह की हरकत करता है.














