ज्योतिष डेस्क। वैदिक ज्योतिष में ग्रहों की चाल और नक्षत्रों का खेल मानवीय जीवन को गहराई से प्रभावित करता है। जिस तरह कुंडली में ‘कालसर्प दोष’ को दुर्भाग्य का सूचक माना जाता है, उसी तरह ‘कालसर्प योग’ की घटना भी बेहद महत्वपूर्ण होती है। दृक पंचांग के अनुसार, आगामी 11 मई से आकाश मंडल में एक दुर्लभ और प्रभावकारी ग्रहों की स्थिति बनने जा रही है, जो 26 मई तक यानी पूरे 15 दिनों तक प्रभावी रहेगी।
क्या है कालसर्प योग और क्यों लग रहा है यह?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब सौरमंडल के सभी ग्रह छाया ग्रह राहु और केतु के बीच आ जाते हैं, तो ‘कालसर्प योग’ का निर्माण होता है। इस बार राहु कुंभ राशि में और केतु सिंह राशि में विराजमान हैं। इन दोनों ग्रहों ने बाकी सभी सात ग्रहों को अपनी कक्षाओं के घेरे में ले लिया है। माना जाता है कि इस स्थिति के कारण मानसिक तनाव, कार्यों में बाधा और अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव की स्थिति बनती है। विशेषकर चार राशियों के लिए यह समय अग्निपरीक्षा जैसा हो सकता है।
वृषभ राशि (Taurus): शत्रुओं से रहें सावधान
वृषभ राशि के जातकों के लिए 11 मई के बाद का समय थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
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करियर: कार्यस्थल पर आपके गुप्त शत्रु और प्रतिद्वंद्वी सक्रिय हो सकते हैं, जो आपकी छवि बिगाड़ने की कोशिश करेंगे।
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आर्थिक: 26 मई तक धन के लेन-देन में विशेष सावधानी बरतें। मेहनत का फल मिलने में देरी हो सकती है।
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परिवार: यदि आप माता-पिता हैं, तो बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न बरतें।
कर्क राशि (Cancer): मानसिक तनाव और वाणी पर नियंत्रण
चंद्रमा की प्रधानता वाली कर्क राशि के लोगों पर इस योग का गहरा मानसिक प्रभाव पड़ सकता है।
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मानसिक स्थिति: अकारण भय, घबराहट और चिंता आपको परेशान कर सकती है।
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प्रोफेशनल लाइफ: नौकरीपेशा जातकों को कार्यस्थल पर वरिष्ठों से विवाद से बचना चाहिए।
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रिश्ते: वाणी में कठोरता आ सकती है, जिससे परिवार में कलह की स्थिति बन सकती है। अपने गुस्से पर काबू रखें।
वृश्चिक राशि (Scorpio): बजट और सेहत का रखें ख्याल
वृश्चिक राशि के जातकों को इस 15 दिनों की अवधि में फूंक-फूंक कर कदम रखने की जरूरत है।
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निर्णय: घर-परिवार से जुड़ा कोई भी बड़ा फैसला जल्दबाजी में न लें, वरना भविष्य में नुकसान उठाना पड़ सकता है।
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खर्च: अचानक आए बड़े खर्च आपका मासिक बजट बिगाड़ सकते हैं।
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सुरक्षा: वाहन चलाते समय सतर्क रहें और अजनबियों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें।
कुंभ राशि (Aquarius): निवेश में बरतें अत्यधिक सावधानी
चूंकि राहु आपकी ही राशि में स्थित है, इसलिए कुंभ राशि वालों के लिए यह समय अधिक संवेदनशील है।
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धन हानि: निवेश से जुड़े मामलों में कोई भी रिस्क न लें। छोटी सी चूक बड़े आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है।
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बाधाएं: बनते हुए कामों में अचानक रुकावटें आने से धैर्य खो सकते हैं।
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स्वास्थ्य: पेट और गले से संबंधित इंफेक्शन या परेशानियां आपको घेर सकती हैं। खान-पान को शुद्ध रखें।
कालसर्प योग के नकारात्मक प्रभाव से बचने के उपाय
ज्योतिषविदों के अनुसार, इस 15 दिनों की अवधि में कुछ सरल उपाय करके आप नकारात्मकता को कम कर सकते हैं:
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महामृत्युंजय मंत्र का नियमित जाप करें।
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भगवान शिव का जलाभिषेक करें और ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का पाठ करें।
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बुधवार के दिन राहु और शनिवार के दिन केतु से संबंधित दान (जैसे काला तिल, कंबल) करें।
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पक्षियों को दाना डालें और हनुमान चालीसा का पाठ करें।














