
सीडीओ ने उपहार देकर कोरोना योद्धाओं का बढ़ाया हौसला
बहराइच l कोविड-19 से समुदाय को सुरक्षित बनाने में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के साथ फ्रंट लाइन वर्कर्स ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है । इसी को ध्यान में रखते हुए कोविड -19 टीकाकरण की दोनों ख़ुराकें सफलतापूर्वक लगवाने वाले स्वास्थ्य कार्यकर्ता व फ्रंट लाइन वर्कर्स के संरक्षित काउंटर फ़ाइल के आधार पर लकी ड्रा का आयोजन किया गया । लकी ड्रा के जरिये जनपद के चार फ्रंट लाइन वर्कर्स के नाम निकाले गए जिन्हें उपहार देकर सम्मानित किया गया । विकास भवन में आयोजित सम्मान समारोह में मुख्य विकास अधिकारी कविता मीना ने लकी ड्रा में विजयी कोरोना योद्धाओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया ।
इसमें आशा क्रांती देवी मिहींपुरवा , रवि प्रताप यादव पुलिस कर्मी पुलिस ऑफिस बहराइच, जागीर सिंह पुलिस कर्मी थाना मटेरा व भगवती प्रसाद स्वच्छाग्रही विकास खंड विशेश्वर गंज को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए 45 वर्ष से ऊपर के सभी लोगों को कोविड का टीका अवश्य लगवाना चाहिए । उन्होने कहा कि पूरे विश्व में कोविड से बचने के लिए टीकाकरण से बेहतर और कोई विकल्प नहीं है। उन्होने सभी से मास्क लगाने , दो गज की शारीरिक दूरी तथा किसी भी सतह को छूने के बाद हाथ धुलने की नसीहत दी ।
इस मौके पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजेश मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि जनपद में 16 जनवरी से कोविड-19 का टीकाकरण प्रारम्भ है । जिसके प्रथम चरण में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं व दूसरे चरण में फ्रंट लाइन वर्कर का टीकाकरण लगभग पूर्ण कर लिया गया है ।
उन्होने बताया कि शासन के निर्देशानुसार जनपद में कोविड टीकाकरण की दोनों डोज़ लगवा चुके हेल्थ वर्कर एवं फ्रंट लाइन वर्कर लाभार्थियों की कुल संख्या के आधार पर कोविड टीकाकरण पुरस्कार वितरण किया जाना था , जिसमें 25000 लाभार्थियों तक 4 पुरस्कार , 50000 लाभार्थियों तक 6 पुरस्कार व 50000 से अधिक लाभार्थियों तक 8 पुरस्कार वितरण किया जाना था । इसी क्रम में जनपद में 25000 से कम लाभार्थी होने के कारण 4 लाभार्थियों को लकी ड्रा के माध्यम से पुरस्कृत किया गया है । इस मौके पर उप जिला स्वास्थ्य सूचना अधिकारी बृजेश सिंह , जिला विकास अधिकारी राजेश मिश्रा , जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ विजय प्रकाश वर्मा , एसीएमओ प्रशासन डॉ योगिता जैन ,अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ विष्णु देव व प्रशासनिक अधिकारी के0एन0 उपाध्याय माजूद थे ।












