
रायबरेली। रायबरेली में आयोजित ‘भाव समर्पण समारोह’ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। अयोध्या में यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के एक कार्यक्रम में शामिल होने और कथित मछली भोज को लेकर मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के नेताओं के आचरण पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता एक तरफ राम-राम चिल्लाते हैं और बजरंग बली के मंदिर में दंडवत होने का ढोंग करते हैं, जबकि दूसरी तरफ बाहर जाकर मछली की दावत उड़ाते हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “ये राम-राम चिल्लाते हैं, बेशर्मी की भी सीमा होती है। किसने कहा था हनुमानगढ़ी जाने के लिए और मछली खानी थी तो अयोध्या के बाहर जाकर खा लेते। ये है कांग्रेस का दोहरा आचरण, गिरगिट भी शर्मा जाता होगा इन्हें देख कर कि मनुष्य के रूप में ये कौन सी प्रजाति आ गई है। वहां वो राम-राम चिल्ला रहे हैं, बजरंग बली के मंदिर में दंडवत होने का ढोंग कर रहे हैं और बाहर जाकर मछली की दावत उड़ा रहे हैं।”
कांग्रेस के पुराने इतिहास का भी किया जिक्र
सीएम योगी ने कांग्रेस पर हमला जारी रखते हुए कहा कि इस तरह के आचरण का उसका पुराना इतिहास रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के भाई की हत्या एक माफिया ने की थी, लेकिन वह व्यक्ति उस माफिया के खिलाफ बयान देने नहीं गया, बल्कि उसके सामने घुटने टेककर नतमस्तक हो गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश के किसी नौजवान, बहन, व्यापारी, किसान या आम नागरिक के सामने पहचान का संकट नहीं है। उन्होंने कहा कि करीब 10 साल पहले प्रदेश के लोग जब कहीं जाते थे तो उन्हें शक की निगाह से देखा जाता था।
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में पहचान का संकट किसने खड़ा किया था, यह सभी जानते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा, बसपा और कांग्रेस के लोग बेईमानी करते थे।
अयोध्या के विकास को लेकर विपक्ष पर निशाना
मुख्यमंत्री योगी ने विपक्ष पर अयोध्या के विकास और धार्मिक विरासत से जुड़े कार्यों को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष को इस बात पर आपत्ति होती है कि अयोध्या में महर्षि वाल्मीकि के नाम पर एयरपोर्ट का नामकरण क्यों किया गया।
उन्होंने कहा कि विपक्ष को यह भी बुरा लगता है कि अयोध्या में निषादराज के नाम पर यात्री विश्रामालय क्यों बनाया गया और शबरी माता के नाम पर भोजनालय क्यों बनाया गया।
सीएम योगी ने कहा, “भाई तुम में क्षमता नहीं थी, तुम नहीं बना पाए। तुम क्षमता विहीन थे, अकर्मण्य थे, भ्रष्ट थे, नहीं कर पाए। हम में क्षमता थी, हमने अपनी विरासत को सम्मान दिया, हमने अगर प्रभु राम को सम्मान दिया है, उनका भव्य मंदिर बनाने में योगदान दिया है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देने के साथ अयोध्या के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया है। उन्होंने कहा कि प्रभु राम से जुड़ी आस्था और विरासत को सम्मान देना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।














