विदेशी पर्यटकों के लिए जल्द खोले जाएंगे दरवाजे, अगले 10 दिनों में हो सकता है ऐलान

कोरोना संक्रमण के कम होते मामलों के बीच भारत जल्द ही विदेशी पर्यटकों के लिए अपने दरवाजे खोल सकता है।एक अधिकारी ने बताया कि महामारी के कारण बुरी तरह प्रभावित हुए टूरिज्म, हॉस्पिटैलिटी और एविएशन सेक्टर में जान फूंकने के लिए शुरुआती पांच लाख विदेशी पर्यटकों को मुफ्त में वीजा उपलब्ध करवाया जाएगा।अगर पर्यटन की मंजूरी मिलती है तो पिछले साल मार्च के बाद यह पहली बार होगा, जब विदेशी लोग सैर-सपाटे के लिए भारत आ सकेंगे। 

अगले 10 दिनों में हो सकता है ऐलान

TOI ने गृह मंत्रालय के अधिकारियों के हवाले से लिखा है कि इस दिशा में कदम बढ़ाने से पहले सभी हितधारकों के साथ विचार किया जा रहा है। साथ ही पर्यटन के नियमों पर भी चर्चा चल रही है।मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि अगले 10 दिनों के भीतर विदेशी पर्यटकों के लिए दरवाजे खोलने की घोषणा की जा सकती है। तब तक इससे जुड़ी सारी औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी।विचार

31 मार्च तक जारी रह सकती मुफ्त वीजा की योजना

जानकारी के मुताबिक, मुफ्त वीजा की योजना 31 मार्च, 2022 या पांच लाख वीजा जारी होने, जो भी पहले होगा, तक जारी रहेगी। इससे सरकार पर कुल 100 करोड़ रुपये का भार पड़ेगा। सरकार को उम्मीद है कि इस योजना से पर्यटक भारत का रुख करना चाहेंगे।बता दें कि पिछले साल मार्च में महामारी के जोर पकड़ने के बाद भारत सरकार ने ई-टूरिस्ट वीजा पर रोक लगा दी थी। उसी दौरान से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर रोक लगी हुई है।पर्यटन

नियमों और औपचारिकताओं को किया जा रहा फाइनल

अधिकारियों ने बताया कि इस पर अंतिम फैसला नहीं हो पाया है कि भारत में प्रवेश के लिए कुछ शर्तें लगाई जाएंगी या नहीं। केवल वैक्सीनेटेड यात्रियों या कोरोना टेस्ट की नेगेटिव रिपोर्ट वाले लोगों की ही प्रवेश देने पर विचार किया जा रहा है।साथ ही पर्यटकों की प्रतिक्रिया और हालात को देखते हुए चरणबद्ध तरीके से पाबंदियों को हटाया जाएगा।गौरतलब है कि हालात बेहतर होते ही कई देशों ने पर्यटन पर लगे प्रतिबंध हटा दिए हैं।कोरोना महामारी

देश के अधिकतर राज्यों में सुधर रहे हालात

बीते कुछ दिनों से देश में कोरोना संक्रमण की रफ्तार काबू में आई है और कई राज्यों में हालात बेहतर हो रहे हैं।कोरोना के कम होते मामलों को देखते हुए कई राज्यों ने स्कूल-कॉलेज खोल दिए हैं और दूसरी पाबंदियों से भी राहत दी है।हालांकि, केरल, मेघालय और महाराष्ट्र आदि राज्यों में अभी भी पॉजिटिविटी रेट ऊंची बनी हुई है, जिसके चलते कई प्रतिबंध नहीं हटाए गए हैं और ऐहतियात बरता जा रहा है।

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