कौन हैं शाहबाज शरीफ, जो इमरान की जगह बनेंगे पाकिस्तान के नए वजीर-ए-आजम 

देर रात तक चले सियासी ड्रामे के बाद पाकिस्तान में आखिरकार इमरान खान की सरकार गिर गई। आधी रात को हुई अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग में 174 सांसदों ने इमरान सरकार के खिलाफ वोट डाला जो बहुमत के आंकड़े 172 से दो अधिक है।इमरान की सरकार गिरने के बाद शहबाज शरीफ के अगला प्रधानमंत्री बनने की प्रबल संभावना है। विपक्ष पहले ही उन्हें अपना प्रधानमंत्री का उम्मीदवार घोषित कर चुका है।आइए शहबाज शरीफ के बारे में जानते हैं।
कौन है शहबाज शरीफ?

शहबाज शरीफ तीन बार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रह चुके नवाज शरीफ के छोटे भाई और पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।उनका जन्म 23 सितंबर, 1951 को लाहौर में हुआ था। उनके पिता मोहम्मद शरीफ बंटवारे से पहले भारत के अमृतसर में रहते थे और 1947 में लाहौर जाकर बस गए।शरीफ ने लाहौर की एक सरकारी यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन की और इसके बाद अपने परिवार का कारोबार संभाला।नवाज के अलावा उनका एक और बड़ा भाई है।1980 के दशक में राजनीति में आए शरीफ

शरीफ ने 1980 के दशक में राजनीति में प्रवेश किया और 1988 में विधायक का अपना पहला चुनाव जीता। उनके नाम सबसे अधिक तीन बार पंजाब प्रांत का मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड है।शरीफ 1997 में पहली बार पंजाब के मुख्यमंत्री बने, लेकिन 1999 में सेनाध्यक्ष जनरल परवेज मुशर्रफ के तख्तापलट करने के बाद उनकी कुर्सी चली गई और उन्हें देश छोड़कर दुबई भागना पड़ा।वह 2008 में दूसरी और 2013 में तीसरा बार पंजाब के मुख्यंमत्री बने।2018 में प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार थे शरीफ

पनामा पेपर्स में नाम आने के कारण सुप्रीम कोर्ट के नवाज शरीफ के चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगाने की वजह से 2018 आम चुनाव में PML-N ने शहबाज के नेतृत्व में चुनाव लड़ा और वह उसके प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार थे।हालांकि चुनाव में PML-N की हार हुई जिसके बाद शरीफ नेता विपक्ष बने। उन्होंने ही इमरान खान सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव देश की संसद में पेश किया था।शरीफ पर मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार के आरोप, हो चुके हैं गिरफ्तार

शरीफ पर भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के केस दर्ज हैं। दिसंबर, 2019 में मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में उनकी 23 संपत्तियां जब्त की गई थीं। इसी मामले में सितंबर, 2020 में उन्हें गिरफ्तार किया गया। अभी भी जमानत पर बाहर हैं।पाकिस्तान में क्या चल रहा है?

पाकिस्तान के मौजूदा आर्थिक संकट और अनियंत्रित होती महंगाई के लिए इमरान खान को जिम्मेदार बताते हुए विपक्षी पार्टियों ने सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था।इमरान ने इस प्रस्ताव पर वोटिंग को रोकने के लिए लगभग हर हथकंडा अपनाया और संविधान तक को ताक पर रख दिया, लेकिन अंत में उनकी कोई तरकीब काम नहीं आई और उन्हें अपनी कुर्सी से हाथ धोना पड़ा।उन्होंने पूरे प्रकरण में विदेशी हाथ बताया है।

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