कोरोना की एहतियाती खुराक अभियान में भाग नहीं ले रहे निजी अस्पताल, जानिए क्या है वजह

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सभी निजी अस्पताल 10 अप्रैल, रविवार से शुरू होने वाले 18-59 वर्ष की आयु के लाभार्थियों के लिए कोविड 19 की एहतियाती खुराक अभियान में भाग नहीं ले रहे हैं।
मैक्स और फोर्टिस हेल्थकेयर जैसे प्रमुख अस्पतालों ने अभी तक एहतियाती खुराक टीकाकरण शुरू करने के बारे में फैसला नहीं किया है क्योंकि वे वैक्सीन निर्माताओं से कोविड -19 डोज के नए मूल्य स्पष्ट करने का इंतजार कर रहे हैं।
अस्पतालों के अनुसार यदि वे टीकों का मौजूदा स्टॉक महंगी दरों पर उपलब्ध कराते हैं, जो उन्होंने पुरानी दरों पर खरीदे थे, तो उन्हें भारी नुकसान होगा।
सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और भारत बायोटेक ने शनिवार को निजी अस्पतालों को दी जा रही कोविशील्ड और कोवैक्सिन की दरों में भारी कमी की घोषणा की।
इससे पहले मैक्स हेल्थकेयर ने शुरू में घोषणा की थी कि वह रविवार को एहतियाती खुराक का टीकाकरण शुरू करेगी लेकिन बाद में फैसले को वापस ले लिया।
अस्पताल के सूत्रों ने मीडिया को बताया कि वैक्सीन निर्माताओं के साथ टीकों की नई कीमतों को लेकर चर्चा चल रही है।
फोर्टिस हेल्थकेयर ने कहा कि उसके पास फिलहाल पुराना स्टॉक है और नई लागत पर स्पष्टीकरण मिलने के बाद वह टीकाकरण फिर से शुरू करेगी।
अस्पताल ने कहा,“अभी तक हमें अधिकारियों या वैक्सीन निर्माताओं नई लागत पर एहतियाती खुराक प्राप्त करने और प्रशासित करने को लेकर कोई सूचना नहीं मिली है।
इससे पहले रविवारो को सीरम और भारत बायोटेक ने निजी अस्पतालों को प्रदान की जा रही कोविशील्ड और कोवैक्सिन की दरों में भारी कमी की घोषणा की।”
कीमत में आधे से ज्यादा की कटौती करते हुए दोनों टीके निजी केंद्रों को 225 रुपये प्रति खुराक के हिसाब से उपलब्ध होंगे।
जहां कोविशील्ड की कीमत को 600 रुपये घटा दिया गया है, वहीं कोवैक्सिन की एक खुराक की कीमत 1,200 रुपये से बहुत कम कर दी गई है।

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