महाभारतकालीन धरोहरों पर नहीं प्रकाश की व्यवस्था -ऊर्जा मंत्री से मिले असिस्टेंट प्रोफेसर प्रियंक भारती, मंत्री ने दिया आश्वासन

मेरठ/हस्तिनापुर। आजादी के 75 वर्ष बाद भी महाभारतकालीन हस्तिनापुर में कई धरोहरों पर आज तक सुचारू रूप से बिजली की व्यवस्था नहीं है। इस संदर्भ में नेचुरल साइंसेज ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं शोभित विश्वविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर प्रियंक भारती रविवार को उत्तर प्रदेश सरकार के ऊर्जा राज्यमंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर के आवास पर मिले। ऊर्जा मंत्री को महाभारतकालीन धरोहरों पर प्रकाश की व्यवस्था कराने के लिए माँग पत्र सौंपा। प्रियंक ने कहा, आजादी के 75 वर्ष बाद भी महाभारतकालीन धरोहरों पर लाइट नहीं पहुँची है। द्रौपदी घाट, बूढ़ी गंगा, माँ कामाख्या सिद्ध पीठ सहित अन्य धरोहरों पर आज भी बिजली का आभाव है। जिससे पर्यटकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। हाल ही में द्रौपदी घाट पर सत्ता फेरी का मेला आयोजित होना है, जिसके लिए बिजली का होना अनिवार्य है। बूढ़ी गंगा पर भी लोग अपने पितरों की आत्मिक शांति के लिए दीप दान करते है, प्रति वर्ष मेला भी आयोजित होता है, पर मौके पर बिजली की कोई व्यवस्था नहीं है। ऊर्जा मंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर ने आश्वासन दिया, सत्ता फेरी मेले से पूर्व ही बिजली की व्यवस्था बूढ़ी गंगा घाट, द्रौपदी घाट एवं अन्य धरोहरों पर करा दी जाएगी ताकि, किसी भी श्रद्धालु को कोई परेशानी न हो। प्रियंक भारती ने ऊर्जा राज्यमंत्री को श्रीमद्भगवद गीता एवं हस्तिनापुर स्थित गंगा का जल भी भेंट किया।

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