
हल्द्वानी । उत्तराखंड के गलियारों में सोमवार को एक खबर से प्रदेश की सियासत में भूचाल मच गया है। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा की हत्या का षड्यंत्र रचने का मामला सामने आया है। इस मामले में हीरा सिंह, मो. अजीज उर्फ गुड्डू, सतनाम सिंह और उसके दोस्त हरभजन सिंह सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने इसकी पुष्टि की है।
इस गंभीर मामले की प्रतिनिधि उमाशंकर की शिकायत के बाद एसएसपी के नेतृत्व में आरोपितों की गिरफ्तारी और घटना के खुलासे के लिए तीन टीमें गठित की गईं, जो इसकी बहुत संवेदनशीलता के साथ इसकी जांच में लगी हुईं हैं। एसपी सिटी मनोज कत्याल ने भी सितारगंज कोतवाली पहुंचकर मामले की पूरी जांच की।
विधायक प्रतिनिधि उमाशंकर दुबे की तहरीर के अनुसार सतनाम सिंह ने जेल में हीरा सिंह को बताया था कि उसका दोस्त मो. अजीज उर्फ गुड्डू निवासी किच्छा का बड़ा अपराधी है। उसके सम्बन्ध उत्तर प्रदेश के शूटरों के साथ हैं। उनके अनुसार जब कैबिनेट मंत्री सितारगंज आये थे तो क्षेत्र भ्रमण के दौरान कुछ स्थानों पर उसे देखा गया था। सतनाम सिंह ने पैरोल पर आने के बाद हीरा सिंह से सम्पर्क साधा। दुबे के अनुसार हीरा सिंह ने सतनाम सिंह व उसके दोस्त हरभजन सिंह, मो. अजीज उर्फ गुड्डू निवासी किच्छा से सम्पर्क साधकर षडयन्त्र को अन्तिम रूप देने की योजना बनाई। पुलिस को सौंपी गई तहरीर में कहा कि कैबिनेट मंत्री की हत्या करने की साजिश हल्द्वानी जेल में चार माह पूर्व रची गई थी।
मंत्री की हत्या करनी है, चाहे जितने रुपये खर्च हो जाएं-
कैबिनेट मंत्री के प्रतिनिधि उमाशंकर दुबे के अनुसार हीरा सिंह गेहूं चोरी मामले में अपनी गिरफ्तारी और खनन का कारोबार बंद होने के लिए कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा को जिम्मेदार मानता है। तहरीर में जिक्र है कि हल्द्वानी जेल में आरोपित की यूपी निवासी सतनाम से मुलाकात हुई। उसने सतनाम से कहा कि मंत्री की हत्या करनी है, चाहे जितने रुपये खर्च हो जाएं। सतनाम ने अपने दोस्त किच्छा के मो. अजीज उर्फ गुड्डू को बड़ा अपराधी बताते हुए उसे सुपारी देने की बात कही। साथ ही उसके जेल से बाहर निकलने पर एक अन्य साथी हरभजन सिंह के गुड्डू से मिलवाने की बात कही।
इस तरह हीरा सिंह अपने साथियों के साथ मंत्री की हत्या की साजिश रच रहा था। जेल से छूटकर आए हीरा पर नजर रखी तो उसे कैबिनेट मंत्री की सभाओं में रेकी करते हुए देखा गया।
गौरतलब है कि कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा को जान से मारने की साजिश का पता 5 अक्टूबर को चल गया था। खुद सौरव बहुगुणा ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ पुलिस से की थी।
अपर पुलिस अधीक्षक मनोज सिंह कत्याल ने बताया कि शुरुआती जांच में कैबिनेट मंत्री की हत्या की योजना की पुष्टि हुई है। जेल में बंद आरोपितों ने हत्या की साजिश रची थी। एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने बताया कि चारों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। अभी मामले की गंभीरता से जांच चल रही है।
इस संदर्भ में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट का कहना है कि इस तरह की घटना का प्रकाश में आना दुखद है लेकिन हमारे मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार पर लगातार प्रहार कर रहे हैं। हमारा अपना भी कोई दोषी होगा तो उसे दंडित किया जाएगा, इसमें किसी प्रकार की कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।











