
- साइबर क्राइम सेल के साथ सुरीर पुलिस ने की कार्यवाही
भास्कर समाचार सेवा
मथुरा। लोन कराने के बहाने लोगों का आधार कार्ड आदि प्राप्त कर कंप्यूटर के माध्यम से पॉलीमर फिगंर प्रिन्ट क्लौन तैयार कर एईपीएस (आधार इनेबल्ड़ पेमन्ट सर्विस) के माध्यम से धोखाधड़ी से बैंक खाता से पैसे निकालने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने जितेन्द्र कुमार पुत्र अशोक कुमार निवासी सनोरा थाना फरह, टीकम पुत्र रामप्रसाद निवासी बेरी थाना फरह, रामकुमार पाठक पुत्र सत्यप्रकाश पाठक निवासी सोनई थाना राया, प्रदीप सैनी पुत्र चंद्रसेन सैनी निवासी रंगेश्वर मंदिर थाना कोतवाली मथुरा को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपितों के आपराधिक इतिहास का अन्य स्थानों से पता लगाया जा रहा है। थाना सुरीर पर धारा 420, 467, 468, 471 आईपीसी व धारा 66, 66 डी आईटी एक्ट थाना सुरीर की वादिया विजय रानी पत्नी धर्मवीर निवासी ग्राम परसौती गढी थाना सुरीर मथुरा के साथ एक मार्च 2022 को लोन कराने के बहाने उनका आधार कार्ड व पैन कार्ड व सफेद कागज पर अंगूठा निशानी लिया गया। पीडिता के सफेद कागज पर लिए गए अंगूठा निशानी से पॉलीमर फिगंर प्रिन्ट क्लौन बनवाया गया तथा आधार इनेबल्ड पेमन्ट सर्विस के माध्यम से आधार नम्बर व पॉलीमर फिगंर प्रिन्ट क्लोन के जरिए एक फर्जी मर्चेंट अकाउंट में पीडिता के बैंक खाता से करीब 11 हजार रुपये स्थानान्तरित कर धोखाधड़ी कर जन सुविधा केन्द्र से इस धनराशि को निकाल लिया गया। संयुक्त टीम द्वारा इस गिरोह का पर्दाफाश कर सरगना सहित चार अभियुक्तों को टैंटीगांव तिराहे से गिरफ्तार कर लिया गया।
ये हुई बरामदगी
इनके कब्जे से पांच हजार रूपये नगद, एक लैपटोप, पांच मोबाइल फोन, 270 प्रचार कार्ड, रबड स्टाम्प मशीन, तीन थंब स्कैनर डिवाइस, दो शीशी कैमिकल, दो पॉलीमर फिंगर प्रिंट क्लौन, पांच बटर पेपर, चार आधार कार्ड, दो पहचान पत्र व एक डाटा केबिल बरामद किये।
100 से अधिक लोगों से ठगी
गिरफ्तार किए गए आरोपित शातिर किस्म के साइबर अपराधी है, जो अब तक करीब 100 लोगों के साथ घटना कारित कर ठगी कर चुके है। जिनके विरूद्ध थाना सुरीर पुलिस द्वारा आवश्यक विधिक कार्यवाही कर जेल भेजा जा रहा है।












