श्री सम्मेद शिखरजी सिद्ध क्षेत्र संवर्धन महोत्सव की तैयारियां पूर्ण

“लोककल्याण, आत्मशान्ति और तीर्थों के संरक्षण व संवर्धन के लिए दिल्ली के लाल किले पर किया जा रहा है यह महार्चना अनुष्ठान
: परमपूज्य 108 आचार्य श्री अनेकांत सागर जी मुनिराज”

भास्कर समाचार सेवा
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली का दिल कहे जाने वाले ऐतिहासिक लालकिला मैदान में आगामी रविवार को आयोजित होने वाले विशाल और भव्य महार्चना महोत्सव की सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। परमपूज्य 108 आचार्य श्री अनेकांत सागर जी मुनिराज के नेतृत्व में आयोजित होने वाला यह अनुष्ठान कोरोना महामारी के दौरान समस्त मानव जाति पर आए अभूतपूर्व संकट के कारण आए दुखों के निवारण के लिए आयोजित किया जा रहा है।‌ गुरुदेव परम श्रद्धेय परम् पूज्य 108 आचार्य श्री अनेकांत सागर जी मुनिराज ने दैनिक भास्कर से विशेष बातचीत में बताया कि मनुष्य के दुखों को सुख में बदलने, शासन प्रशासन के मंगल के लिए,लोकशक्ति, आत्मशक्ति और तीर्थों के संरक्षण व संवर्धन के लिए यह सिद्ध महार्चना अनुष्ठान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस महापर्व का ध्येय धन अर्जन नहीं बल्कि धर्म अर्जन है।

दिल्ली के लाल किला मैदान में आयोजित हो रहा है यह ऐतिहासिक महोत्सव

देश का दिल दिल्ली है और दिल्ली का दिल लाल किला कहा जाता है। और लाल किले का दिल यह लाल मंदिर है जिसे मुख्य रूप से इस महायज्ञ के लिए चुना गया है। श्री मुनिराज ने बताया कि जिस प्रकार से लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है ठीक उसी प्रकार यहां धर्म ध्वज पताका फहराई जाती है। राष्ट्र और धर्म का इससे बड़ा और कोई दूसरा संयोजन नहीं हो सकता।

देश के कोने कोने से होंगे लोग एकत्रित

श्री गुरुदेव मुनिराज का कहना है कि इस कार्यक्रम में देश भर के कोने से भक्त लोग एकत्रित होंगे। सांस्कृतिक और धार्मिक पद्धति के साथ विभिन्न प्रकार की दिव्य और भव्य सामग्री हवन और मंत्रोच्चारण के साथ भगवान के चरणों में समर्पित की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस यज्ञ में पुजारी के रूप में देश भर के करीब दस हजार इन्द्र व इंद्राणी शामिल होंगे।

मांगी तुंगी सिद्ध क्षेत्र नासिक में यह महोत्सव बना चुका है विश्व कीर्तिमान

इसके पहले फरवरी वर्ष 2016 में यह अनुष्ठान गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हो चुका है। नौ दिवसीय चले उस महोत्सव में प्रतिदिन डेढ़ से दो लाख लोग शामिल होते थे। केन्द्रीय मंत्री राजनाथसिंह, अमित शाह और तत्तकालीन मुख्यमंत्री महाराष्ट्र देवेन्द्र फणनवीस सहित अनेकों प्रतिष्ठित लोगों ने उसमें भागीदारी की थी। श्री गुरु देव जी मुनिराज ने बताया कि दिल्ली के इस अनुष्ठान में प्रथम बार करीब सात हजार इन्द्र व इंद्राणी शामिल होंगे। जिसका मुख्य उद्देश्य साधना व भक्ति होगा।

इन महानुभावों की रहेगी महंती भूमिका

मुख्य अतिथि व धर्माधिकारी की भूमिका में राज्य सभा सांसद धर्मस्थल डॉ वीरेंद्र हेगड़े होंगे जबकि
इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे राजेंद्र कटारिया, कटारिया ऑटोमोबाइलस अहमदाबाद करेंगे। जैन समाज में उनका नाम भारत में ही नही पूरे विश्व में जाना जाता है। उनके अलावा
पवन जैन गोधा शक्ति नगर यज्ञ नायक की मुख्य भूमिका निभा रहे है व इस कार्यक्रम के मुख्य आयोजको में शामिल हैं। हाल ही में उन्होंने अभी 7 से 11 अक्टूबर तक 5555 यात्रियों की श्री सम्मेद शिखर जी की यात्रा के तहत 12 ट्रेन एवं 5 फ़्लाइट द्वारा पूरे भारत वर्ष से करवाई हैं।
विधानाचार्य की भूमिका में पं संदीप शास्त्री “सजल” व राजकिंग भइया जी होंगे। वहीं सौधर्म इंद्र की भूमिका में- धनेंद्र कुमार जैन ( धन्ना सेठ) अंजू जैन निर्माण विहार, कुवेर इंद्र- धीरज नंदिता कासलीवाल न्यू फ्रेंड्स कालोनी, ध्वजारोहण – सुनील जैन, मनीषा जैन मौना जनरेटर निर्माण विहार, मंगल कलश- ज्ञानचंद जैन, ललिता जैन प्रशांत विहार, चित्र अनावरण – शरदराज कासलीवाल, एवं गजेन्द्र बज, अखंड दीप – प्रमोद जैन माॅडल टाऊन, होंगे। जबकि चक्रवर्ती भूमिका में राकेश कुमार, भरत कुमार दोसी बड़ौदा, ओमप्रकाश (बाबू जी), विकास अहमदाबाद, मनोज कुमार,संगीता अहमदाबाद, श्री स्वस्तिक – प्रियंका कोलकाता, ताराचंद, टीकमचंद केकड़ी, राजकुमार, अनिता टोंडिया जयपुर, उदय बाबू, सुजय शाह पूना, आकाश, विकास, नेमिचंद पांड्या इंदौर से होंगे।
इसके अलावा परवीन जैन, वैभव जैन जैन को० लिमिटेड प्रीत विहार, दीपक जैन, अनिल जैन, टिंकू प्रीत विहार दीपक सैल्स एजेंसी पेपर वाले, लौटस कापी वाले राकेश जैन, संतोष जैन प्रीत विहार, अंकित जैन, अमित जैन, नीलम थ्रेड प्रीत विहार, नवीन जैन प्रधान बहुबली जैन समाज बाहुबली दिल्ली। सुभाष जैन संरक्षण जैन समाज प्रीत विहार और निर्माण विहार दिल्ली भी महत्वपूर्ण भूमिका में होंगे।

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