सीसीएसयू के उर्दू विभाग में आयोजित हुआ ‘इस्माइल दिवस’ का आयोजन

दिल से निकलती है इस्माइल मेरठी की शायरी: प्रो. जमशेदपुरी

भास्कर समाचार सेवा

मेरठ। इस्माइल मेरठी बच्चों के साथ-साथ लोगों के भी कवि थे, लेकिन आज हमारी नई पीढ़ी उनकी शायरी और उनकी उपलब्धियों से अनभिज्ञ है। जब ऐसे लोगों की उपेक्षा की जाती है, जो हमारे साहित्य की नींव हैं तो बहुत दुख होता है। इस्माइल मेरठी ने न केवल अच्छी कविता लिखी, बल्कि शिक्षा के साथ-साथ प्रशिक्षण भी उनकी कविता में मौजूद है। ये शब्द थे डॉ. उबैदुल्ला चौधरी के, जो लखनऊ से आए थे और उर्दू विभाग के प्रेमचंद संगोष्ठी हॉल में आयोजित कार्यक्रम इस्माइल दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। इस अवसर पर डॉ. उबैदुल्लाह चौधरी की पुस्तक ‘ट्रेजर ऑफ मेमोरीज’ का विमोचन भी किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता उर्दू विभाग के अध्यक्ष प्रो. असलम जमशेदपुरी ने की। संचालन डा. इरशाद सयानवी ने किया। इस अवसर पर डॉ. शादाब अलीम ने आधुनिक मन के प्राचीन कवि इस्माइल मेरठी पर अपनी थीसिस प्रस्तुत की। अंत में अध्यक्षीय भाषण देते हुए डॉ. असलम जमशेदपुरी ने कहा, मौलाना इस्माइल मेरठी उन चंद लेखकों में से एक हैं, जिन्होंने अपने साहित्य के माध्यम से देश और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। जब कोई लेखक, विचारक, बुद्धिजीवी, कवि और साथ ही यदि कोई शिक्षाविद् हो तो इस साहित्य की दुनिया बदल जाती है और वह साहित्य सार्वभौम हो जाता है। इस्माइल मेरठी ने न केवल राष्ट्र को सुधारने और अपनी रचनाओं के साथ एकता और सहमति का माहौल स्थापित करने का कार्य किया, बल्कि उन्होंने देश के युवाओं के भविष्य को संवारने वाला साहित्य प्रस्तुत कर मानवता के मृत शरीर की जड़ों को सींचने का कर्तव्य निभाया और यही उनकी महान कृति है, लेकिन आज बहुत दुख की बात है कि जिस कवि ने हमें इतना कुछ दिया आज हम उन्हें ही भूल बैठे हैं। इस्माइल मेरठी की शायरी दिल से निकलती है और दिल को प्रभावित करती है। कार्यक्रम में शिक्षकों के अलावा छात्र-छात्राएँ  मौजूद थे।

खबरें और भी हैं...