चुनाव डयूटी के दौरान लापता हुए कर्मचारी का एक माह बाद भी नही लगा कोई सुराग

धर्मशाला (हि.स.)। कांगड़ा जिले के जयसिंहपुर उपमंडल के तहत आशापुरी मतदान केंद्र में विधानसभा चुनाव ड्यूटी के दौरान लापता कर्मचारी का एक माह बाद भी कोई सुराग नही लग पाया है। विधानसभा चुनाव के मतदान डयूटी में तैनात बीते 10 नवंबर को लापता इस कर्मचारी के बारे में कोई भी जानकारी नही मिल पाई है। वहीं लापता कर्मचारी संजीव कुमार के परिजनों ने पहले भी जिला व पुलिस प्रशासन से मिलकर उन्हें ढूंढने की गुहार लगाई थी लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नही हो पाई है।

उधर एक माह बाद भी कोई सुराग न लग पाने के चलते सोमवार को एक बार फिर परिजनों ने भी राज्य के प्रशासन व पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर भी बड़े सवाल उठाते हुए भूख हड़ताल संग चक्का जाम का अल्टीमेटम जिला प्रशासन को दे दिया है। इस संबंध में एडीसी कांगड़ा गंधर्वा राठौढ़ ने एक सप्ताह में उचित जांच का आश्वासन भी दिया है। वहीं कर्मचारी की पत्नी संग परिवार के आंसू थम नहीं रहे, जबकि पंचायत प्रतिनिधियों व ग्रामीणों में भी आक्रोश देखने को मिल रहा है।

गौरतलब है कि जिला कांगड़ा के जयसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र के आशापुरी पोलिंग बूथ से लापता हुए चुनाव डयूटी को गए कर्मी संजीव कुमार का एक माह बीतने के बाद भी कोई सुराग नहीं लग पाया है। सोमवार को तीसरी बार डीसी कांगड़ा से मिलने पहुंची संजीव की पत्नी बबीता देवी ग्रामीणों ने संजीव के साथ पोलिंग बूथ पर तैनात कर्मचारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जाए, जिससे सच्चाई सामने आ सके। संजीव को एक माह से पता न चलने के चलते संजीव की पत्नी व ग्रामीण डीसी कार्यालय के बाहर भूख हड़ताल शुरू करने पहुंचे थे। डीसी के न होने पर बबीता ने एडीसी के समक्ष अपनी बात रखी, जिस पर एडीसी ने एक सप्ताह के भीतर इस मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिस पर बबीता व ग्रामीण वापिस लौट गए। साथ ही बबीता का कहना है कि एक सप्ताह में संजीव मामले में कोई कार्रवाई न हुई तो भूख हड़ताल के साथ चक्का जाम किया जाएगा।

वहीं, रौंखर पंचायत के पूर्व प्रधान पृथ्वी सिंह ने कहा कि आज तीसरी बार डीसी से मिलने पहुंचे हैं। एक माह से लापता संजीव का कोई सुराग नहीं लग पाया है। अब एडीसी ने जो आश्वासन दिया है, उस पर सात दिन में कार्रवाई नहीं की गई, तो भूख हड़ताल शुरू करने के साथ एनएच पर चक्का जाम किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेवारी जिला प्रशासन की होगी।

उधर, अतिरिक्त उपायुक्त कांगड़ा गंधर्वा राठौढ़ ने बताया कि इस संबंध में जांच की जा रही है। एक सप्ताह में जांच को तेज कर चुनावी डयूटी में खोए कर्मी के सुराग लगाने के पुलिस को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

हालांकि प्रशासन और पुलिस के अलावा एसडीआरएफ की टीम ने क्षेत्र का चप्पा-चप्पा छान मारा है। इसके अलावा ड्रोन का भी इस्तेमाल हो चुका है, लेकिन सफलता अभी तक नहीं मिल पाई है। लापता कर्मचारी रौंखर निवासी संजीव कुमार के स्वजन के साथ ग्रामीणों में भी कई प्रकार के सवाल खड़े कर दिए हैं। इन सभी सवालों को लेकर और संजीव कुमार की तलाश करने के लिए ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल पंचायत प्रधान के नेतृत्व में एडीएम व पुलिस अधीक्षक से मिलकर चुनाव ड्यूटी में साथ ठहरे कर्मचारियों से भी कड़ी पूछताछ करने की मांग थी, ताकि संजीव कुमार के बारे में पूरी सच्चाई सामने आ सके।

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