मकान मालिक ने पीएचडी स्कॉलर की हत्या के बाद शव के चार टुकड़े करके नहर में फेंके, ऐसे हुआ खुलासा

गाजियाबाद, 14 दिसम्बर (हि.स.)। पीएचडी स्कॉलर अंकित खोखर की हत्या मामले का खुलासा पुलिस ने लगभग कर दिया है। पूछताछ में मकान मालिक उमेश शर्मा ने घटना को कबूल कर लिया है। उसने बताया कि अंकित खोकर की उसने पहले गला दबाकर हत्या की उसके बाद आरी से उसके शव के चार टुकड़े करके गंग नहर में अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिया।

हत्या का कारण उसने बताया कि अंकित के खाते में पुश्तैनी जमीन बेचने के बाद डेढ़ करोड़ रुपये आए थे जिसकी उसे जानकारी हो गई थी और उसने अंकित से बिजनेस के बहाने 60 लाख रुपये अपने अकाउंट में ट्रांसफर करा लिए थे। साथ ही बैंक की डिटेल भी ले ली थी। हत्या करने के बाद भी वह अंकित के अकाउंट से विभिन्न एटीएम से अपने साथी की मदद से रुपये निकालता रहा था। पुलिस मामले की गहराई से जांच पड़ताल कर रही है।

मृतक अंकित के दोस्त ने मोदीनगर थाने में थाने में शिकायत दी थी कि उसका दोस्त अंकित कई दिन से लापता है। इसके बाद पुलिस ने अंकित की गुमशुदगी दर्ज करने के बाद जांच पड़ताल शुरू कर दी ।

पुलिस उपायुक्त (ग्रामीण) डॉ. इरज राजा ने बताया कि बागपत जिले में गांव मुकुंदपुर निवासी अंकित खोखर लखनऊ के डॉक्टर भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय से पीएचडी कर रहा था। तीन माह पूर्व ही उसने विश्वविद्यालय में अपनी फाइल सब्मिट कर मोदीनगर स्थित राधा एन्क्लेव कॉलोनी में उमेश शर्मा के मकान में किराए पर कमरा लिया था। मृतक के मां-बाप की मृत्यु हो चुकी है। बागपत जिले में पुश्तैनी प्रॉपर्टी करीब डेढ़ करोड़ रुपये में अंकित ने पूर्व में बेची थी। जिसका पूरा पैसा उसके खाते में आया था। पुलिस ने जब मोबाइल नंबर के जरिए अंकित के बैंक अकाउंट की डिटेल्स निकाली तो पता चला कि उसके खाते से ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए रकम निकल रही है। अंकित की आखिरी बार लोकेशन भी उसके किराए वाले मकान की है।

उन्होंने बताया कि आरोपित मकान मालिक उमेश को गिरफ्तार और उसकी पत्नी समेत 6 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रहा है। आरोपित उमेश ने 6 अक्टूबर को ही अपने दोस्तों को बुलाकर घर के अंदर अंकित खोखर की हत्या कर दी थी। फिर आरी से लाश के चार टुकड़े कर मुरादनगर से निवाड़ी के बीच गंगनहर में फेंक दिया था। पुलिस पूछताछ में आरोपित उमेश ने बताया कि उसे अंकित के खाते में रुपये होने की जानकारी थी। सितंबर माह में अंकित से बिजनेस करने के बहाने 60 लाख रुपये लिए थे। पता था कि अंकित के अलावा उसके परिवार कोई नहीं है। योजना बनाई अगर अंकित की हत्या कर दी गई तो उसे रुपये नहीं लौटाने पड़ेंगे। प्लानिंग के तहत उसकी हत्या कर मृतक के मोबाइल पर नेट बैंकिंग चालू रखी। नेट बैंकिंग द्वारा अक्टूबर से दिसंबर तक करीब 40 लाख रुपये खाते से निकाल लिए। पुलिस की दो टीमें मुरादनगर से निवाड़ी के बीच गंगनहर में सर्च ऑपरेशन कर रही है, जिससे अंकित के लाश के टुकड़े मिल सकें।

खबरें और भी हैं...